महिलाकर्मी से यौन शोषण के आरोपों में फंसे टेरी के निदेशक आरके पचौरी को अदालत ने शनिवार को अमेरिका यात्रा की अनुमति प्रदान कर दी।
पचौरी ने अपने साले की मृत्यु उपरांत रस्म में शामिल होने के लिए 29 जून से नौ जुलाई के बीच अमेरिका यात्रा की अनुमति मांगी थी। साकेत जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी शिवानी चौहान ने पचौरी को उपरोक्त अवधि में अमेरिका यात्रा की अनुमति प्रदान की है।
अदालत ने अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास को सूचना देने और अपनी यात्रा का विवरण, रुकने के स्थान व टिकट एवं पासपोर्ट की फोटोकॉपी कोर्ट में जमा कराने की हिदायत दी है।
पुलिस ने किया पचौरी के आवेदन का विरोध
अदालत ने पचौरी को नौ जुलाई को अपनी वापसी की जानकारी जांच अधिकारी व कोर्ट
को देने का निर्देश दिया है। अदालत ने पचौरी को अमेरिका के अलावा किसी
अन्य देश की यात्रा नहीं करने और दो-दो लाख के दो जमानती पेश करने का
निर्देश दिया है।
पुलिस ने पचौरी के आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि वह पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहे हैं। वह पहले भी विदेश जाने की अनुमति मांग चुके हैं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
पीड़िता के अधिवक्ता प्रशांत मेंहदीरत्ता ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि पचौरी विदेश यात्रा की अनुमति का लाभ उठाकर किसी अन्य देश भाग सकते हैं।
कड़ी पूछताछ के बाद दायर हुआ आवेदन
इस आपत्ति के जवाब में पचौरी के अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने कहा कि उनका मुव्वकिल जांच में पुलिस का सहयोग कर रहा है।
दो बार पूछताछ होने के बाद ही विदेश यात्रा का आवेदन दायर किया है। उनके फरार होने की कोई आशंका नहीं है, वह केवल अपने साले की मृत्यु के कारण विदेश जा रहे हैं।
अदालत ने इस मामले में पचौरी को 21 मार्च को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी थी। इसके बाद पुलिस पचौरी से दो बार पूछताछ कर चुकी है। पुलिस पचौरी से रविवार को भी पूछताछ करेगी।