परिवहन विभाग में जल्द ही डीएल बनवाने की ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसका सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। परीक्षण के बाद इसकी शुरुआत होगी। ऐसा होने के बाद डीएल बनवाने के लिए आरटीओ पर लंबी लाइन में नहीं लगनी पड़ेगी।
आवेदक ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अपने डाक्यूमेंट की स्कैन कापी लगा सकेंगे। इनका ऑनलाइन परीक्षण कर आवेदकों को मेल भेज दी जाएगी। यदि कागजात में कुछ कमी रह जाती है तो उसको दूर करने का मौका दिया जाएगा। आवेदक को मेल भेजकर फीस जमा कराने को कहा जाएगा। ऑनलाइन फीस जमा कराने के बाद बायोमीट्रिक के लिए बुलाया जाएगा।
आरटीओ में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी भीड़भाड़ से होती है। लोग दलालों और बाबुओं की मनमानी के बीच पिसते हैं। लगभग प्रत्येक विंडो पर लोगों को फार्म और डाक्यूमेंट चेकिंग, फीस जमा कराने और फिर बायोमीट्रिक के लिए लाइनों में लगना पड़ता है।
आरटीओ अब लोगों की इस परेशानी को दूर करने जा रहा है। डीएल बनवाने का काम जल्द ही ऑनलाइन हो जाएगा। तय समय पर आरटीओ पहुंचने पर 10 मिनट में उनको फ्री कर दिया जाएगा।
इस दौरान उनको अपने डाक्यूमेंट की हार्ड कापी भी जमा करानी होगी। डीएल बनने के बाद उसको पोस्ट करने और आवेदक तक पहुंचने की लोकेशन भी अपलोड करके आवेदक को भेजी जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन केपी गुप्ता ने बताया कि इसका सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। परीक्षण के बाद जल्द ही इसको लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद ऑफिस पर लोगों को भीड़ से परेशान नहीं होना पड़ेगा। दलालों के हस्तक्षेप और अवैध वसूली के आरोपों को भी इस सिस्टम से दूर किया जा सकेगा।