उत्तर प्रदेश में भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम जापान की तर्ज पर डेवलप किया जाएगा। हाल ही में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में तैनात यूपी के एक अफसर जापान से ढाई महीने की ट्रेनिंग कर लौटे हैं। इस संबंध में वह शीघ्र ही यूपी गर्वनमेंट को वहां के ट्रांसपोर्ट सिस्टम का प्रेजेंटेशन देकर विकास का खाका खींचेंगे।
जायका (जापान इंटर कॉरपोरेशन एजेंसी) ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को समझने के लिए जापान में ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया था। इसके लिए देश के सभी राज्यों से एक-एक अफसर ढाई माह की ट्रेनिंग के लिए जापान गया था।
यूपी से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में तैनात असिस्टेंट टाउन प्लानर मनोज यादव जापान में ढाई माह रहे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट व प्राइवेट ट्रांसपोर्ट के समन्वय की बारीकियों को समझा।
उन्होंने बताया कि जापान की तरह पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ज्यादा प्रभावशाली बनाया जाए तो सड़कों पर प्राइवेट वाहन कम होंगे और जाम की समस्या काफी हद तक सुलझेगी।
भारत से ज्यादा वाहन, फिर भी जाम नहीं
मनोज यादव ने बताया कि जापान में प्रति एक हजार लोगों में 750 वाहन मालिक हैं, जबकि भारत में हजार लोगों में सिर्फ 57 के पास वाहन हैं। बावजूद इसके भारत में जाम की समस्या ज्यादा है।
जापान में ट्रैफिक कंट्रोल करने में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल ने जाम को खत्म कर दिया है। निजी वाहनों का इस्तेमाल जापान में सिर्फ 8 से 10 किलोमीटर के बीच किया जाता है।
इस दूरी के बीच जापान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्वाइंट आसानी से मिल जाता है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर से दिसंबर प्रथम सप्ताह तक चले ट्रेनिंग प्रोग्राम में टोकियो समेत कई प्रमुख शहरों के ट्रैफिक सिस्टम का अध्ययन किया गया।
इसका प्रेजेंटेशन यूपी के उच्चाधिकारियों के समक्ष किया जाएगा, जिससे जापानी तकनीक से यहां भी सिस्टम डेवलप किया जा सके।