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कोरोना से मेट्रो-डीटीसी कर्मियों में संक्रमण का खौफ, मौत भी

Sat, 01 May 2021 11:29 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एहतियातों का सख्ती से पालन न किए जाने से बिगड़े हालात
 
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डीटीसी बस - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण की वजह से दिल्ली में खौफनाक हुए माहौल का सार्वजनकि परिवहन सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। यात्रियों को संक्रमण से बचाव के लिए बसों में इंतजाम नाकाफी रहे जबकि दिल्ली मेट्रो में भी कोरोना से बचाव के लिए तय नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। इसका असर, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर भी पड़ा। डीटीसी और मेट्रो के 15-20 कर्मियों की इस महीने मौत हो चुकी है। पिछले दिनों ड्यूटी पर तैनात रहने वाले कई कर्मी संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में हैं। इनमें अधिकतर स्टाफ परिचालन से जुड़े हैं।
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मेट्रो में पिछले करीब एक महीने के दौरान आठ-10 कर्मियों की कोरोना से मौत हो चुकी है। जबकि बसों में ड्यूटी करने वाले ड्राइवर, कंडक्टर भी संक्रमण की चपेट में लगातार आ रहे हैं। मेट्रो में यात्रियों और कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए सभी एहतियात लागू है। हैरानी की बात यह है कि बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर एक सीट छोड़कर यात्रियों को सफर की इजाजत दे दी गई। न तो सैनिटाइजेशन और न ही थर्मल स्क्रीनिंग की गई। बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सेहत का पता न होने की वजह से हालात और भी खराब हुए। लॉकडाउन के दौरान बसों और मेट्रो में केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मियों को ही आने जाने की इजाजत दी गई है। यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से फिलहाल खतरा कम है, लेकिन हालात बिगड़ने से पहले नियमों की खूब अनदेखी हुई है।

डीटीसी कर्मी की मौत
डीटीसी  के रोहिणी-2 डिपो में तैनात एक कर्मी की कोरोना से मौत हो गई। अभी भी डीटीसी की बसों में ड्यूटी पर मुस्तैद रहे कई ड्राइवर और कंडक्टर कोरोना संक्रमित हैं। इनमें से अधिकतर होम आइसोलेशन में हैं तो कुछ कर्मियों का इलाज चल रहा है।  एक कर्मी ने बताया कि डिपो में भी कोरोना वैक्सीन लगवाने की सुविधा नहीं शुरू की गई, इसलिए 45 से अधिक उम्र के कर्मियों को वैक्सीन लेने का भी मौका नहीं मिल सका।
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मेट्रो-बसों में यात्रियों की संख्या 5-8 फीसदी
बसों और मेट्रो में यात्रियों की संख्या घटकर 5-8 फीसदी रह गई है। मेट्रो की फ्रिक्वेंसी में बदलाव के बावजूद आधे घंटे बाद मेट्रो में एक स्टेशन पर दो से अधिक यात्री सवार नहीं होते। ब्लू लाइन पर ड्यूटी से लौट रहे एक कर्मी ने बताया कि उनके लिए यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए हैं कि ड्यूटी से लौटने के दौरान भी हर तरफ संक्रमण का खतरा है।
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