फरीदाबाद में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत ट्रांसफॉर्मर लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।
उन्हें ट्रांसफार्मर चोरी होने की दशा में नया ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए अब दिल्ली चीफ इंजीनियर के कार्यालय में नहीं जाना पडे़गा। इसके लिए बिजली निगम सर्कल कार्यालय से ही मंजूरी मिल जाएगी।
बिजली निगम ने नियम के बदलाव करके सर्कुलर जारी किया है। नए नियम के तहत मंजूरी में लगने वाले समय की अवधि भी कम की गई है।
बिजली निगम ने कई उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत ट्रांसफॉर्मर खरीदने की अनुमति दी हुई है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी उस वक्त आती है। जब ट्रांसफॉर्मर के चोरी हो जाने की स्थिति में नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की जरूरत पड़ती है।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को ट्रांसफॉर्मर के चोरी होनी की एफआईआर दर्ज कराकर नया लगवाने के लिए चीफ इंजीनियर से मंजूरी लेनी होती है। फरीदाबाद जोन का चीफ इंजीनियर कार्यालय दिल्ली में है। ऐसे में उपभोक्ता को मंजूरी के लिए दिल्ली के चक्कर काटने पड़ते है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर कॉमर्शियल आरके बत्रा का कहना है कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए मंजूरी अब सर्कल स्तर पर ही दी जाएगी। एसई को इसकी पावर दी गई है।