ईकोटेक-1 थाने में तैनात प्रशिक्षु दरोगा गुलाब सिंह राजपूत को चार लाख रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन मेरठ की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा के खिलाफ सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। वहीं, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुलाब सिंह को सेवा से बर्खास्त करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
आरोपी ने सेवानिवृत कमांडर राजीव सरदाना से वर्ष 2019 में निर्माणाधीन एएमआर मॉल में सात करोड़ के सामान चोरी के केस की जांच के मामले में 15 लाख मांगे थे। बाद में 13 लाख देने की बात तय हुई थी। पहली किस्त के तौर पर आरोपी चार लाख रुपये लेने लेने पहुंचा था तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
20 जनवरी 2019 को एएमआर मॉल के जनरल सेक्रेटरी कर्नल वीरेंद्र भाटिया ने ईकोटेक-1 थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप था कि टेकजोन-9 में निर्माणाधीन एएमआर मॉल से जंपिंग मशीन, जेनरेटर सेट्स, स्वचलित सीढि़यां समेत करीब सात करोड़ का सामान में चोरी हो गया था। मामले में किसी को नामजद नहीं किया गया था।
ईकोटेक-1 थाना पुलिस के मुताबिक मामले में जांच अधिकारी गुलाब सिंह ने राजीव सरदाना से केस में नाम सामने आने की बात कही थी। रुपये देने पर सरदाना और उनकी पत्नी को जेल भेजने की धमकी दी थी।
राजीव पहली किस्त के तौर पर चार लाख रुपये देने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने इसकी सूचना एंटी करप्शन मेरठ टीम के अधिकारियों को दे दी। शुक्रवार को एंटी करप्शन की टीम बताए गए समय व सूरजपुर स्थित स्थान पर पहुंची। इधर, राजीव सरदाना को देने वाले रुपयों को पाउडर आदि लगाकर भेजा गया। जैसे ही दरोगा ने रुपये लिए तभी टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।