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'घर आती थीं जवान लड़कियां, रात में गूंजती थी चीखें'

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दिल्ली के शकूरपुर इलाके की जेजे कॉलोनी, एक शानदार घर में लगे काली ग्रिल वाले दरवाजे के पीछे क्या होता था यह अब तक महज एक राज था लेकिन अचानक यह राज बाहर आ गया।
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इस घर की चारदीवारी के अंदर चल रहा था लड़कियों और बच्चों की तस्करी का बड़ा धंधा। इस रैकेट का मास्टर माइंड राजधानी दिल्ली में झारखंड से लड़कियों की सप्लाई करता था।

लड़कियों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार हुए इस घर के मालिक पन्नालाल महतो के पड़ोसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला राज खोला है। पन्ना लाल के पड़ोसियों के मुताबिक इस घर में अक्सर जवान लड़कियों का आना जाना था और यहां से रात को लड़कियों की चीखें भी सुनाई देती थीं।
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अब तक 5000 लड़कियों की तस्करी

इस घर में तीन बच्चों के साथ रह रही पन्ना लाल की 25 वर्षीय दूसरी पत्नी ने क‌हा कि उसे बिल्कुल नहीं पता कि उसके पति को पुलिस क्यों पकड़ कर ले गई है। पुलिस ने उसे ले जाने से पहले कहा था कि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए वे पैसे भेजेंगे।

बता दें कि पन्नालाल महतो और उसकी पत्नी सुनीता कुमारी को दो दिन पहले ही पुलिस ने शकूरपुर के पास गिरफ्तार किया था। महतो पर झारखंड और अन्य राज्यों से लड़कियों की तस्करी करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, महतो और उसकी पत्नी ने झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के सहयोग से कई राज्यों में तस्करी का धंधा चला रहे थे। इन्होंने वर्ष 2002 से अब तक करीब 5000 लड़कियों और महिलाओं की तस्करी की है।

मानव तस्करी के आरोप में झारखंड के पूर्व मंत्री साव को 6 अक्तूबर को महतो के आवास से गिरफ्तार किया गया था। उस पर झारखंड टाइगर नाम के एक आपराधिक गैंग को चलाने का भी आरोप है।

महतो की दूसरी पत्नी से जब उसके काम के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वह अनपढ़ है और उसे कुछ भी नहीं पता कि महतो क्या करता है। कभी-कभी उनके घर में लड़कियां आती रहती थीं लेकिन फिर भी वह कुछ नहीं जानती की उनका बिजनेस क्या है। वह अपनी दो बेटियों, एक बेटे और महतो की बूढ़ी मां के साथ रह रही है।

'बचने के लिए खिड़की से कूद रही थी लड़की'

महतो के पड़ोसी हरीश कुमार ने बताया कि वह बहुत ज्यादा बोलने वाला व्यक्ति है और कभी भी अपने घर में किसा को घुसने नहीं देता था। वह यहां करीब पांच-छह साल से रह रहा है लेकिन किसी को भी नहीं पता कि उसका घर अंदर कैसा दिखता है।

उन्होंने कहा कि महतो अपने पड़ोसियों से काफी दोस्ताना व्यवहार रखता था लेकिन उसने कभी इस बात की भनक भी नहीं लगने दी कि वह ऐसे कामों में संलिप्त है।

महतो के घर के सामने कपड़ों की दुकान चलाने वाले शोभराज साहनी ने कुछ अलग ही कहानी बताई। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने घर के पीछे की ओर से कई लड़कियों को भागने की कोशिश करते हुए देखा था। कई बार लड़कियों को घर की खिड़की से भी कूदने की कोशिश करते हुए भी देखा गया है।

महतो ने कहा था कि वह एक प्लेसमेट एजेंसी चलाता है लेकिन उसने घर के बाहर से उसका बोर्ड बहुत पहले हटा दिया था।"
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'रात को आती थी चीखने की आवाज'

करीब दो दशकों से जेजे कॉलोनी में फर्निशिंग का बिजनेस चला रहे सतीश नागपाल ने कहा कि उन्होंने कई बार महतो के घर से लड़कियों के रोने की आवाज सुनी है। उसके घर में जवान लड़कियों का आना जाना लगा रहता है। उसके पास एक कार और 2 मोटरसाइकिल हैं जिनका इस्तेमाल उसकी कर्मचारी लड़कियों को जगह-जगह छोड़ने के लिए करते हैं।

महतो के घर के ठीक बगल में रहने वाली ममता महाजन ने बताया कि उसने दूसरी शादी इसलिए की थी क्योंकि उसकी पहली पत्नी को बच्चे नहीं हो रहे थे। वे दोनों 'लक्ष्मी' नाम की एक प्लेसमेंट एजेंसी चलाते थे। उनके ग्राहक हमेशा अच्छी तरह से बन संवर कर आते थे और अमूमन पॉश कॉ‌लोनियों से होते थे।

महाजन की मां ने बताया कि उन्होंने एक बार महतो से नौकरानी दिलवाने को कहा था। इस पर उसने सिक्योरिटी के तौर पर उनसे 35 हजार रुपए मांगे थे और कहा था कि वह एकदम प्रशिक्षित नौकरानी लाकर देगा, जिसे हर महीने 6 हजार रुपए वेतन देना होगा।

बता दें कि पुलिस ने तस्करी के आरोप में महतो की साली को भी कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। वह भी प्लेसमेंट एजेंसी चलाती थी।

(साभार: इंडियन एक्सप्रेस)
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