सबवे और टनल के निर्माण पर भी हुई चर्चा
ट्रैफिक पुलिस ने महिपालपुर फ्लाईओवर पर रंगपुरी ट्रैफिक लाइट के पास एक सबवे और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 से द्वारका रोड पर एनएच-48 तक एक टनल के निर्माण के लिए भी चर्चा की। इनके निर्माण से उक्त क्षेत्रों में यातायात प्रभाव और बेहतर होगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में कई ऐसे हिस्से हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले वाहनों से प्रभावित हैं।
यातायात के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई के बीच संचार और समन्वय जरूरी है। दिल्ली परिवहन निगम, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और एनएचएआई जैसी एजेंसियों का एक संयुक्त प्रयास और सहयोग, दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात की भीड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सूत्रों का कहना है कि एनएचएआई प्रमुख ने ट्रैफिक पुलिस के अनुरोधों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से गुरुग्राम का सफर होगा सुगम
द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से गुरुग्राम आना-जाना आसान होने जा रहा है। यहां के निवासियों को गुरुग्राम जाने व आने के दौरान द्वारका एक्सप्रेसवे का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। वह साहिबी नदी की पटरी पर बनी सड़क पर जाम की समस्या से भी परेशान नहीं होंगे। वह बामड़ौली गांव से गुजरकर आ-जा सकेंगे।
दरअसल इस गांव की फिरनी को मुख्य रोड की तरह बनाया जाएगा। यह फिरनी रोड द्वारका व गुरुग्राम को जोड़ने वाली रोड के मध्य है, मगर यह रोड टूटी पड़ी है। हालांकि अभी भी कुछ वाहन चालक इसका उपयोग करते हैं।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली ग्रामोदय अभियान के तहत गांवों में विभिन्न योजनाओं को लागू करने का निर्णय लिया गया था। इस कड़ी में एमसीडी ने बामड़ौली गांव की फिरनी रोड व उसके साथ आरसीसी बॉक्स टाइप ड्रेन बनाने की योजना तैयार की। इस योजना पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया, जबकि डीडीए ने पांच करोड़ 31 लाख रुपये स्वीकृत किए। यह फिरनी रोड द्वारका और पश्चिमी दिल्ली को गुरुग्राम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस योजना के पूरा होने पर इन क्षेत्रों के बीच यातायात की सुगमता बढ़ेगी और यात्रा में समय भी कम लगेगा। बामड़ौली गांव की करीब दो किलोमीटर लंबी फिरनी रोड बनने से द्वारका और पश्चिमी दिल्ली के निवासी गुरुग्राम के प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
द्वारका व पश्चिमी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से काफी लोग गुरुग्राम जाते हैं। वह द्वारका एक्सप्रेसवे और जयपुर हाईवे के बजाय साहिबी नदी की पटरी पर सड़क व बामड़ौली गांव की फिरनी से नजफगढ़-बिजवासन रोड पर पहुंचते हैं और वहां से हरियाणा के बजघेड़ा गांव से होकर गुरुग्राम जाते हैं।
दरअसल यह रास्ता छोटा है और इस पर भीड़ भी नहीं है। बजघेड़ा से गुरुग्राम जाने वाली रोड पर अंडरपास व फ्लाईओवर बना हुआ है, मगर बामड़ौली गांव की फिरनी टूटी होने व साहिबी नदी की पटरी पर बनी सड़क पर जाम का सामना करना पड़ता है।