लॉकडाउन-4 में दिल्ली सरकार कुछ शर्तों के साथ मार्केट खोलने की बात कर रही है, लेकिन दिल्ली के व्यापारियों में कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच दुकानें खोलने को लेकर असमंजस है। चांदनी चौक कंटेनमेंट जोन में होने के कारण व्यापारी फिलहाल बाजार खोलने के लिए उत्सुक नहीं है। होलसेल बाजार के व्यापारी तो ऑड-ईवन फार्मूले से भी नाखुश हैं। कई व्यापारिक संगठनों ने तो बाजार नहीं खोलने का निर्णय लिया है।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा है कि इस स्थिति में व्यापार शुरू करना कहीं से उचित नहीं है। सैनिटाइजेशन व्यापारी कैसे करेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग कैसे की जाएगी इसे लेकर असमंजस है। चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, कपड़ा मार्केट का भौगोलिक रूप खान मार्केट से अलग है। खान मार्केट की दुकानें तो खुल सकती हैं, लेकिन संकरी गलियों में यह मार्केट खोलना आसान नहीं है। रविवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है जिसमें 400 व्यापारी शामिल होंगे।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की क्या गाइडलाइन आती है, उसका अध्ययन करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। मोरी गेट स्थित कृषि उपकरण एव ट्रैक्टर पार्टस के व्यापारियों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष निरंजन पोद्दार ने बताया कि केंद्र सरकार ने कहा है कि कृषि उपकरण एवं उनके पार्ट्स की दुकानें खोली जा सकती हैं। इसके बावजूद मोरी गेट कृषि उपकरण के व्यापारियों को दुकानें खोलने की अनुमति नहीं मिली। सोमवार को सांकेतिक रूप से दुकानें खोल कर विरोध जताएंगे।