एमसीडी ट्रेड लाइसेंस फीस मामला तूल पकड़ने लगा है। व्यापारिक संगठन उत्तरी दिल्ली एमसीडी द्वारा बढ़ाए गए ट्रेड लाइसेंस फीस को वापस करने की मांग कर रहे है। इसे लेकर बृहस्पतिवार को व्यापारिक संगठन एमसीडी कमिश्नर से मिले और उन्हें बढ़े हुए फीस वालें प्रस्ताव जिसे पास किया है उसे वापस करने की मांग की। हालांकि मुलाकात के दौरान व्यापारियों को किसी तरह का आश्वासन एमसीडी से नहीं मिला।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल के नेतृत्व में उत्तरी दिल्ली एमसीडी कमिश्नर संजय गोयल से सिविक सेंटर में मुलाकात की। बताया गया कि व्यापारियों का व्यापार पहले से ही चौपट हो गया है, फीस में 17 गुणा बढ़ोतरी दुकानदारों की कमर तोड़ देगी। लिहाजा इसे वापस लिया जाए।
सीटीआई के महासचिव विष्णु भार्गव ने बताया कि कमिश्नर ने कहा कि बढ़ी फीस वापस नहीं होगी क्योंकि एमसीडी की माली हालत ठीक नहीं है। केवल 10 -15 प्रतिशत व्यापारी ही ट्रेड लाइसेंस देते हैं। ट्रेड लाइसेंस फीस जमा कराए तभी राजस्व बढ़ेगा। इस शर्त पर पुरानी दरों पर फीस लिया जा सकता है। वर्तमान परिवेश में वापस लेने से मना कर दिया।
कमला नगर के व्यापारी नितिन गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन में मार्केट में कारोबार पूरी तरह से ठप है। दुकानदार पहले से ही परेशान है। बिना सोचे समझे फीस को लागू किया गया है। सीटीआई ने चेतावनी दी है कि फीस वापस नहीं लिया गया तो एमसीडी दफ्तर का घेराव करेंगे।
ट्रेड लाइसेंस का सालाना रेट
ए व बी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए
. 10 वर्ग मीटर साइज के लिए 3450 रुपए।
10 से 20 वर्ग मीटर साइज के लिए 8625 रुपये।
सी और डी कैटकरी की कॉलोनियों के लिए
. 10 वर्ग मीटर के हिसाब से 2300 रुपए
. 10 से 20 वर्ग मीटर के साइज के लिए 5750 रुपये
. शोरूम मालिकों को अधिकतम 57000 रुपये तक लाइसेंस फीस देनी पड़ेगी।
जिस मार्केट में भार पड़ेगा
कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, नया बाजार, खारी बावली, भागीरथ प्लेस, लाजपत राय मार्केट, आजाद मार्केट, कमला नगर, रोहिणी, पीतमपुरा, मॉडल टाउन, मुखर्जी नगर, वजीरपुर। दिल्ली के करीब 60 प्रतिशत व्यापारी प्रभावित होंगे।