हरियाणा के फतेहाबाद के लिए उपयोगी
-अपराध शाखा ने फतेहाबाद से किया गिरफ्तार, आरोपी ने जालसाजी करने वाले गैंग को मुहैया किया था अपना बैंक खाता, कमीशन में मिलते थे लाखों रुपये
-देश के अलग अलग राज्यों के सात ठगी के मामलों से जुड़ा है बैंक खाता, पुलिस गैंग के अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आरबीआई अधिकारी बनकर रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर तीस लाख की ठगी करने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया है। पहचान हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सुनील सिंगला के रूप में हुई है। वह श्री बालाजी ट्रैक्टर एजेंसी का मालिक और ऑपरेटर है। आरोपी ने अपने बैंक खाते को जालसाजों को मुहैया करवाया था। जिसमें ठगी के 15 लाख रुपये डाले गए थे। बैंक खाता अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के सात अन्य मामलों में शामिल पाया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
शाख पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने बताया कि द्वारका में रहने वाले रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी ने क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि उसके पास व्हाट्सएप नंबर से वीडियो कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को एटीएस, एनआईए और आरबीआई अधिकारी बताकर दिल्ली में लाल किले में हुए धमाके से जुड़े टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाया और उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी। आरोपियों ने नकली दस्तावेजों के जरिये पीड़ित पर मानसिक दबाव के जरिए डर पैदा कर उनसे 30 लाख रुपये एक बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिएष। पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ठगी गई रकम में से 15 लाख रुपये मेसर्स श्री बालाजी ट्रैक्टर के नाम से खुले बैंक खाता में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में आरोपी खाता मालिक सुनील सिंगला की भूमिका संदिग्ध मिली। निरीक्षक अरविंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बैंक खाते की जांच की। उसके केवाईसी वेरिफिकेशन, डिजिटल सबूत, ट्रांज़ैक्शन ट्रेल और तकनीकी जांच से पता चला कि ठगी गई 15 लाख रुपये डाले गए थे। साथ ही पता चला कि खाता अलग-अलग राज्यों में इसी तरह के कई साइबर फ्रॉड मामलों से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने आरोपी सुनील सिंगला को गिरफ्तार कर लिया।
लोन नहीं मिलने पर जालसाजों को बेच दिया बैंक खाता : पूछताछ में सुनील सिंघला ने बताया उसने बैंक में लोन का आवेदन किया था। इसी दौरान ठगी करने वाले गैंग के सदस्य उससे संपर्क किया। उसने बताया कि अगर वह अपना बैंक खाता मुहैया करेगा तो उसे लोन लेने की जरूरत नहीं होगी। कमीशन के तौर पर उसके पास काफी पैसे आएंगे। लालच में आकर उसने अपना बैंक खाता जालसाजों को मुहैया करवा दिया।