केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या से भी जूझना पड़ेगा। शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली और शनिवार, रविवार, सोमवार को हवा के इसी दिशा व गति से चलने की संभावना है। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। वेंटिलेशन इंडेक्स 7500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दीपावली के बाद से दिल्ली में ग्रेडेट रिस्पॉन्स प्लान-2 (ग्रेप-2) लागू होने के बाद भी कई इलाकों में एक्यूआई खराब और बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्लीवासियों ने शुक्रवार को लगातार 25वें दिन खराब हवा में सांस ली। इस सीजन में 14 अक्तूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी।
पीएम10 की 277.4 और पीएम2.5 की मात्र 164.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
सीपीसीबी के अनुुसार, शाम पांच बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 277.4 और पीएम2.5 की मात्रा 164.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ इलाकों में एक्यूआई खराब रहा। बीते 24 घंटे में 863 पराली जलाने की घटना सामने आई है और दिल्ली में पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 8.681 रही।
हवा में प्रदूषक तत्व का फैलाव हुआ कम
सीपीसीबी के आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल अभी तक गंभीर श्रेणी हवा वाला कोई दिन रिकॉर्ड नहीं किया गया है, लेकिन इस हफ्ते ऐसा होने की आशंका है। पिछली बार ऐसी रीडिंग 23 दिसंबर, 2024 को ली गई थी, जब एक्यूआई 406 रिकॉर्ड किया गया था। हवा में प्रदूषक तत्व का फैलाव कम हो गया है। इससे कई लोगों को खासकर फेफड़ों या दिल की बीमारियों वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की स्थिति प्रदूषक तत्व के फैलाव के लिए ठीक नहीं थी, जिससे धीरे-धीरे जमाव हो रहा था।