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दिल्ली में अगले तीन दिन भारी: राजधानी ने ओढी जहरीली चादर, लगातार 25वें दिन ली जहरीली सांसें; AQI 300 पार

Fri, 07 Nov 2025 10:45 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या से भी जूझना पड़ेगा। 
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दिल्ली में बढ़ा वायु प्रदूषण - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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राजधानी में पहाड़ से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली में ठंडक के साथ ही प्रदूषण में भी इजाफा किया है। आबोहवा में मौजूद ठंडी हवा की वजह से प्रदूषक कणों हवा में घुल गए हैं जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। पंजाब से आ रहे पराली के धुएं ने शहर को जहरीली चादर ओढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह ग्रे हेज आसमान ने सबकुछ धुंधला कर दिया। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 322 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें बृहस्पतिवार की तुलना में 11 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या से भी जूझना पड़ेगा। शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली और शनिवार, रविवार, सोमवार को हवा के इसी दिशा व गति से चलने की संभावना है। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। वेंटिलेशन इंडेक्स 7500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दीपावली के बाद से दिल्ली में ग्रेडेट रिस्पॉन्स प्लान-2 (ग्रेप-2) लागू होने के बाद भी कई इलाकों में एक्यूआई खराब और बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्लीवासियों ने शुक्रवार को लगातार 25वें दिन खराब हवा में सांस ली। इस सीजन में 14 अक्तूबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई थी।

पीएम10 की 277.4 और पीएम2.5 की मात्र 164.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
सीपीसीबी के अनुुसार, शाम पांच बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 277.4 और पीएम2.5 की मात्रा 164.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा बेहद खराब में रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ इलाकों में एक्यूआई खराब रहा। बीते 24 घंटे में 863 पराली जलाने की घटना सामने आई है और दिल्ली में पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 8.681 रही।

हवा में प्रदूषक तत्व का फैलाव हुआ कम
सीपीसीबी के आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार, दिल्ली में इस साल अभी तक गंभीर श्रेणी हवा वाला कोई दिन रिकॉर्ड नहीं किया गया है, लेकिन इस हफ्ते ऐसा होने की आशंका है। पिछली बार ऐसी रीडिंग 23 दिसंबर, 2024 को ली गई थी, जब एक्यूआई 406 रिकॉर्ड किया गया था। हवा में प्रदूषक तत्व का फैलाव कम हो गया है। इससे कई लोगों को खासकर फेफड़ों या दिल की बीमारियों वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की स्थिति प्रदूषक तत्व के फैलाव के लिए ठीक नहीं थी, जिससे धीरे-धीरे जमाव हो रहा था।

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बेहद खराब श्रेणी में दर्ज इलाके
बवाना - 384
पंजाबी बाग - 359
जहांगीरपुरी - 358
आईटीओ, विवेक विहार, - 357
बुराड़ी क्रॉसिंग - 356
आनंद विहार, वजीरपुर - 355
चांदनी चौक - 351
नेहरू नगर - 349
मुंडका, रोहिणी - 348
सोनिया विहार - 347
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