जल्द ही लोगों को नोएडा के हेलीपोर्ट से कई पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक हेलिकॉप्टर से जाने की सुविधा मिल सकेगी। यह हेलीपोर्ट कई एयरपोर्ट को भी सीधे जोड़ने का काम करेगा। सेक्टर-151ए में हेलीपोर्ट बनाने के लिए प्राधिकरण ने गतिविधि शुरू कर दी है। यहीं पर 90 एकड़ में एक गोल्फ कोर्स भी बनेगा। इसका काम भी शुरू हो चुका है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, हेलीपोर्ट के लिए कंसलटेंट के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए राइट्स सहित चार कंपनियों से भी बातचीत चल रही है। जल्द ही सेक्टर-151ए में 10 एकड़ क्षेत्र में हेलीपोर्ट बनाने का काम शुरू होगा। यहां एक साथ 8 हेलीपैड बनेंगे, जहां 8 हेलिकॉप्टर एक साथ खड़े हो सकेंगे।
एजेंसी चयन के साथ ही इस परियोजना की डीपीआर तैयार होगी। इसके अंतर्गत ड्राइंग और डिजाइन का काम शुरू होगा। फिर एस्टिमेट बनेगा और करीब 15 जनवरी तक टेंडर निकाल दिया जाएगा। यह पीपीपी मॉडल पर आधारित होगा। इससे जुड़ी एजेंसियां यहां अपनी गतिविधि शुरू करेंगी।
चार धाम से भी जुड़ सकेगा
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस हेलीपोर्ट से चार धाम को भी जोड़ा जा सकेगा। जिस प्रकार देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर की सेवा मिलती है। उसी प्रकार की सेवा यहां से भी उपलब्ध हो सकती है। सेवा वाया देहरादून होकर दी जा सकती है। इसके लिए संबंधित अधिकारी विचार-विमर्श कर रहे हैं। इसके अलावा आगरा, मथुरा समेत कई पर्यटक स्थलों को भी इससे जोड़े जाने की तैयारी है।
एयरपोर्ट से भी सीधे जुड़ेगा
नोएडा के हेलीपोर्ट से कई एयरपोर्ट भी जुड़ सकेंगे। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक हिंडन एयर बेस, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित नोएडा एयरपोर्ट को भी इससे जोड़ा जा सकेगा।
रोजाना नोएडा आने वालों को भी मिलेगी सुविधा
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कई बार यह मांग उठ चुकी है कि नोएडा से गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद आदि क्षेत्रों को हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाए। कई कंपनियों के बड़े अधिकारी इस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं। उन्हें आने-जाने में ही सड़क मार्ग से घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। इससे उन्हें राहत मिलेगी।
हेलीपोर्ट के बगल में गोल्फ कोर्स का लुत्फ भी...
हेलीपोर्ट के ठीक बगल में 90 एकड़ क्षेत्र में एक गोल्फ कोर्स निर्माण को हरी झंडी मिली है। इसके लिए भी कंसलटेंट चयन का काम चल रहा है। चयन के बाद ड्राइंग, डिजाइन, एस्टिमेट सहित 15 जनवरी तक टेंडर का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। यहां 18 होल होंगे। यह नोएडा का दूसरा गोल्फ कोर्स होगा। इसकी अनुमानित लागत करीब 255 करोड़ होगी। इसे तैयार करने के बाद इसकी सदस्यता दी जाएगी।
सेक्टर-151ए में गोल्फ कोर्स और हेलीपोर्ट बनाने के लिए प्राधिकरण ने कवायद शुरू की है। इसके कंसलटेंट चयन का काम शुरू किया गया है। जल्द ही इसकी डीपीआर का काम शुरू होगा। टेंडर आदि का काम करीब 15 जनवरी तक शुरू हो जाएगा।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण