राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग की ओर से साहिबाबाद स्थित आशादीप फाउंडेशन में औचक निरीक्षण किया गया था। इसमें टीम ने पाया कि वहां रहने वाले बच्चों को बिना अभिभावकों की अनुमति के बाइबल की शिक्षा दी जा रही थी। एनसीपीसीआर की टीम की इस रिपोर्ट के बाद बाल कल्याण विभाग ने संबंधित फाउंडेशन के खिलाफ एफआईआर करने के लिए तहरीर दी है।
नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन्स राइट की टीम ने साहिबाबाद स्थित आशादीप फाउंडेशन का निरीक्षण किया था। टीम को निरीक्षण के दौरान इस बाल गृह में बच्चों के पास से कमरे से और लॉकर से 26 बाइबल मिले हैं।
आयोग के सदस्यों की रिपोर्ट के अनुसार एनजीओ के सदस्य बच्चों के अभिभावकों का अनुमति पत्र भी नहीं दिखा सके। साहिबाबाद स्थित आशादीप फाउंडेशन के बाल गृह में 100 से अधिक बच्चे रहते हैं। इसमें ऐसे बच्चे हैं जिनके माता या पिता या अभिभावक जेल में किसी न किसी केस में बंद हैं।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग को आशादीप फाउंडेशन के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं थी, जिसके बाद टीम केसदस्य वहां औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। जांच के बाद इन शिकायतों में सत्यता पाई गई जिसके बाद बाल कल्याण विभाग ने संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराने केआदेश दिए हैं।
शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। टीम के निरीक्षण रिपोर्टर के बाद जांच कराई गई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
- अनिल शाही, एसएचओ, साहिबाबाद