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Delhi: लिया तीन लाख का लोन, चुका रहे 10 का, जालसाज ने शिक्षक के नाम पर मंजूर कराया ऋण फिर रुपये कराए ट्रांसफर

Sun, 24 Jul 2022 09:24 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

मनीष ने बताया कि उन्होंने साइबर सेल थाने में शिकायत की है। मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और नीरज को जांच के लिए नोटिस भेजा गया है।
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धोखाधड़ी कर 10 लाख का लोन दिलवाया और रुपये कराए ट्रांसफर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बाहरी उत्तरी जिला के बवाना इलाके में प्राथमिक स्कूल के एक शिक्षक को लोन दिलाकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। शिक्षक ने बैंक से तीन लाख का लोन लिया था लेकिन खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताने वाले जालसाज ने उनके नाम पर तीन की जगह पर दस लाख का लोन ले लिया। बाद में ब्लैंक चेक से उनके खाते से सात लाख रुपये निकाल लिए। दस लाख के लोन की किश्तें चुका रहे शिक्षक ने साइबर सेल में शिकायत की है। शिकायत पर सेल ने मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।

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मनीष कुमार राम सपरिवार बवाना इलाके में रहते हैं। वह सर्वोदय विद्यालय में बतौर शिक्षक कार्यरत है। साइबर सेल को दी शिकायत में मनीष ने बताया कि जनवरी माह में उन्हें अपने मकान में कमरा बनाना था। वह बैंक से तीन लाख का व्यक्तिगत लोन लेना चाह रहे थे। इस दौरान वह बैंकों से लोन को लेकर पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम नीरज बताया और एचडीएफसी बैंक से लोन दिलाने की बात कही। नीरज ने मनीष से व्हाट्सएप के जरिए दस्तावेज मंगवाए। फिर उसने एक व्यक्ति को भेजकर दो खाली चेक लिए। कुछ दिन बाद बैंक से मनीष के पास फोन आया और लोन की रकम के बारे में पूछा। उन्होंने तीन लाख का लोन लेने की बात बताई।

उन्होंने बताया कि एक दिन अपने खाते में करीब दस लाख रुपये देखकर वह चौंक गए। उन्होंने तुरंत नीरज को फोन कर खाते में दस लाख रुपये आने की बात कही। नीरज ने आश्वासन दिया कि इसका निपटारा करवा देंगे और उन्हें तीन लाख रुपये की ही किश्त जमा करनी होगी। एक माह बाद शिक्षक के पास 21 हजार रुपये की किश्त देने के लिए कहा गया। उन्होंने नीरज से दोबारा बात की।
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उन्होंने बताया कि कुछ माह तक नीरज ने सात लाख रुपये की किश्त भरी। एक दिन शिक्षक के बैंक खाते से सात लाख रुपये निकल गए। शिक्षक को पता चला कि उनके खाली चेक से खाते से दूसरे खाते में पैसा ट्रांसफर किए गए हैं। नीरज ने उसके बाद किश्त जमा करना बंद कर दिया। लेकिन अगले महीने 21 हजार की किश्त आने के बाद मनीष ने नीरज से बात की। नीरज उसके बाद से बहाने बनाने लगा।

मनीष ने बताया कि खुद को ठगा हुआ महसूस कर शिक्षक ने साइबर सेल थाने में शिकायत की। मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और नीरज को जांच के लिए नोटिस भेजा गया है।

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