मानसून की शुरू होने के बाद देश के अलग-अलग प्रदेशों में होने वाली बारिश का असर दिल्ली में बिकने वाले सब्जियों की कीमत पर भी पड़ने लगा है। घीया, तोरी, भिंडी, परवल और टमाटर सहित तमाम सब्जियों की कीमत में अचानक बढ़ोतरी हो गई है।
ये सब्जियां आम आदमी की थाली से दूर होने लगी हैं। टमाटर के दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं। राहत की बात तो ये है कि आलू और प्याज के भाव में अभी तक कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।
10 दिन पहले 20-30 प्रति किलो बिकने वाले टमाटर का भाव बढ़कर 60-80 रुपये तक पहुंच गया है। तोरी 40 रुपये, भिंडी 40 रुपये जबकि घीया के रेट प्रति किलो 30 रुपये से अधिक हो गए हैं। आलू का भाव आजादपुर मंडी में 7-10 रुपये प्रति किलोग्राम तक है जबकि स्थानीय सब्जी बाजार में इनकी दरें 12-15 रुपये के बीच है।
आजादपुर मंडी में सब्जी के विक्रेता संदीप खंडेलवाल का कहना है कि हरी सब्जियां हर साल की तरह इस बार भी बरसात के मौसम में महंगी होने लगी हैं।
फिलहाल, इनकी कीमत में 80 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। जिन राज्यों से सब्जियों की दिल्ली में रोजाना आवक होती है, अगर वहां लंबे समय तक मूसलाधार बारिश होती है, तो सब्जियों के भाव दोगुना या इससे अधिक भी बढ़ सकते हैं। बारिश के कारण वाहनों के आवागमन में परेशानी होने और हरी सब्जियों के गलने का असर सब्जियों की कीमत पर पड़ रहा है।
सब्जी विक्रेता श्रीकांत का कहना है कि खासकर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाली सब्जियों की कीमत में अधिक बढ़ोतरी हो रही है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान या आसपास के प्रदेश जहां इस बार अभी तक कम बारिश हुई है, वहां से सब्जियां लगातार आ रही हैं, लेकिन उनकी भी मात्रा कम होने लगी है।
कुछ हरी सब्जियां अधिक दिन तक टिक नहीं पाती हैं, ऐसे में ताजा सब्जियों के लिए ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। आगे भी बारिश के हालात पर भी कीमत में उतार चढ़ाव का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।