द्वारका एक्सप्रेसवे पर फास्टैग-एएनपीआर आधारित बहु-लेन मुक्त प्रवाह प्रणाली लागू करने की तैयारी
34 लेन से वाहनों की होगी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर अब वाहनों को शुल्क चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। आईएचएमसीएल ने यहां फास्टैग और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) आधारित बहु-लेन मुक्त प्रवाह (एमएलएफएफ) टोल व्यवस्था लागू करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी को छह महीने के भीतर पूरी व्यवस्था तैयार करनी होगी।
बिजवासन टोल प्लाजा द्वारका एक्सप्रेसवे पर है। प्लाजा पर कुल 34 लेन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यहां वार्षिक ईटीसी संग्रह 192.97 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। हालांकि आईएचएमसीएल ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा केवल निविदा में प्रदर्शन प्रतिभूति की गणना के लिए संकेतात्मक है और वास्तविक संग्रह की गारंटी नहीं है। नई व्यवस्था में प्लाजा पर लगाए जाने वाले कैमरों के जरिये वाहन की पहचान की जाएगी। फास्टैग से जुड़े संकेत और एएनपीआर कैमरे से मिली वाहन संख्या के आधार पर शुल्क की गणना होगी। प्रणाली वाहन की श्रेणी और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर शुल्क तय कर उसका लेनदेन करेगी। वाहन को टोल बूथ पर रोकने की आवश्यकता नहीं होगी।
बिना फास्टैग वाले वाहन भी निगरानी से नहीं बच सकेंगे। ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके लिए ई-नोटिस जारी करने की व्यवस्था रखी गई है। बिना फास्टैग, अमान्य या काम नहीं कर रहे फास्टैग के साथ एमएलएफएफ प्रणाली से गुजरने वाले वाहन को उल्लंघन की श्रेणी में रखा जाएगा। एएनपीआर प्रणाली वाहन की तस्वीर और पंजीकरण संख्या दर्ज कर सकेगी। ऐसे मामलों में जारी ई-नोटिस में संबंधित वाहन की श्रेणी के लागू शुल्क की दो गुना राशि होगी।