भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देशभर के टोल प्लाजा को हाईब्रिड करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए केंद्रीय स्तर पर प्लानिंग चल रही है। इसके लिए टोल प्लाजा पर एक-एक हाइब्रिड लेन बनाकर लोगों के अनुभव लिए जा रहे हैं। यदि प्रयोग पूरी तरह से सफल हुआ तो देशभर में इसे लागू करने पर काम शुरू कर दिया जाएगा। हाइब्रिड होने के बाद वाहनों को टोल के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। वर्तमान में जहां कम से कम 10 सेकेंड का ठहराव है।
राजमार्ग प्राधिकरण इसके लिए खर्चं होने वाली लागत का आकलन करने में जुट गया है। बताया जा रहा है कि हाइब्रिड लेन से गुजरने वाले वाहनों को टोल राशि में छूट का भी प्रावधान होगा। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक लेन पर करीब 15 लाख रुपये खर्च का अनुमान है।
इसके अलावा वाहन चालकों के शुरूआती अनुभव जानने के लिए पलवल टोल प्लाजा पर भी एक हाइब्रिड लेन तैयार की जा चुकी है। माना जा रहा है कि हाइब्रिड एक तरहक से मिक्स लेन होगी। जिसमें सामान्य वाहन को गुजरने का मौका मिलेगा। वर्तमान में फास्ट टैग लाइन में सिर्फ फास्ट टैग वाले वाहन ही गुजर सकते हैं।
इस तरह वसूला जाएगा टोल
हाइब्रिड के तहत मशीन के जरिये टोल वसूला जाएगा। इलेक्टॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के तहत कार्य होगा। वाहन चालक टोल पर अनुबंधित बैंक से टैग लेगा। टैग नंबर को वाहन चालक के खाते से जोड़ा जाएगा। इसके बाद वाहन के शीशे पर टैग चिपकाया जाएगा। जैसे ही वाहन हाइब्रिड लेन के एंटीना के संपर्क में आएगा। उसे लेन से गुजरने की अनुमति मिल जाएगी। इस व्यवस्था के तहत वाहन को रुकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकृतक वाहन के लिए टोल प्लाजा का बैरियर स्वत: ही खुल जाएगा। यदि अनाधिकृत बैंक का टैग तो बैरियर नीचे आकर वाहन को रोक देगा।
टोल को 100 प्रतिशत डिजिटल करने की कवायद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देशभर के टोल प्लाजा को डिजिटल बनाने पर विचार किया जा रहा है। हाइब्रिड के तहत इलेक्टॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है। इस बार टोल को डिजिटल बनाने में बैंक का सहयोग भी नजर आएगा। इस व्यवस्था से समय और धन की बचत के साथ ईधन की भारी बचत होगी।
टोल प्लाजा की सभी लेन को हाइब्रिड करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए यहां से गुजरने वाले वाहनों से उनके अनुभव लिए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली है।
-विजय कौशिक, टोल प्रबंधक, बदरपुर टोल प्लाजा