भाजपा विधायक ओपी शर्मा द्वारा दिल्ली विधानसभा के दो सत्र के लिए निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका विचारयोग्य है या नहीं, इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में अदालत आज फैसला देगी।
न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने ओपी शर्मा की और से पेश अधिवक्ता अमन लेखी व दिल्ली विधानसभा सचिवालय की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सधीर नंदराजयोग के तर्क सुनने के बाद कहा कि वे अपना फैसला शनिवार को देंगे।
यदि याचिका विचारयोग्य मानी गई तो नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। शुक्रवार को शर्मा के अधिवक्ता अमन लेखी ने तर्क रखा कि शर्मा का निलंबन गैरकानूनी है। आचरण समिति ने शर्मा के लिए दोषी शब्द का इस्तेमाल किया है जो सरासर गलत है। इस मामले में नियमों की अनदेखी कर उन्हें निलंबित किया गया। ऐसे में इस फैसले को रद्द किया जाए।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय व स्पीकर की ओर से पेश अधिवक्ता सुधीर नंदराजयोग ने कहा कि याची ने अदालत को तथ्यों की गलत जानकारी दी है। पहली बार शर्मा को केवल पांच मिनट के लिए विधानसभा से बाहर निकाला गया था।