दिल्ली एम्स और सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल ने मरीजों को परेशानी में डाल दिया। वहीं दरियागंज स्थित दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले करीब 500 डॉक्टरों ने धरना दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि जब तक डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कानून लागू नहीं होगा, तब तक डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली एम्स और सफदरजंग के अलावा सर गंगाराम अस्पताल, अपोलो, सेंट स्टीफंस, माता चनन देवी, एक्शन बालाजी अस्पताल, महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भी डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा को बंद रखा।
बताया जा रहा है कि निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से कई मरीजों को सरकारी अस्पतालों में रेफर किया गया था। डॉ. गिरीश त्यागी का कहना है कि धरना प्रदर्शन के बाद सभी डॉक्टरों ने राजघाट तक पैदल मार्च निकाला। वहीं शनिवार को भी एसोसिएशन की ओर से फोर्डा की हड़ताल को सांकेतिक रूप से समर्थन देने की घोषणा की गई है।
दिल्ली के अस्पतालों में शनिवार को भी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया, सुचेता कृपलानी बाल चिकित्सालय, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, पूर्वी दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल, हरीनगर स्थित डीडीयू, पश्चिम दिल्ली के संजय गांधी, बाबा भीमराव आंबेडकर, महावीर अस्पताल, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल, ईएसआई बसई दारापुर, दादा देव शिशु चिकित्सालय, इहबास, हिंदूराव, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय और रेलवे अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। फोर्डा के अनुसार, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी हड़ताल को सांकेतिक रूप से समर्थन देने की घोषणा की है।