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अगले महीने से और महंगी हो जाएगी जमीन

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नोएडा में आशियाना और भी महंगा होने जा रहा है। अगले महीने से हर तरह की जमीन की कीमत बढ़ जाएगी। 10 से 15 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव है। आगामी जून में होने वाली बोर्ड बैठक में इस पर मुहर लग जाएगी।
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प्राधिकरण से जानकारी के मुताबिक औद्योगिक जमीन की कीमतों में दस फीसदी वृद्धि होगी, जबकि आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की कीमतों में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की योजना है। प्राधिकरण कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।

जून में बोर्ड बैठक होनी है। उसका एजेंडा तैयार करने के लिए आचार संहिता के हटने का इंतजार किया जा रहा है। इसी बैठक में जमीन के बढ़ेदाम पर मुहर लग जाएगी। पिछले साल मई माह में जमीन की कीमत बढ़ाई गई थीं।
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क्या है आवंटन दर?

आवासीय भूखंडों व ग्रुप हाउसिंग की मौजूदा आवंटन दर
श्रेणी.............................आवासीय........................ग्रुप हाउसिंग
ए...............................62220...............................84845
बी...............................43365..............................56570
सी...............................31585..............................50910
डी...............................26400..............................45255
ई...............................22625...............................32055

औद्योगिक क्षेत्रों की मौजूदा आवंटन दर
भूखंड आकार...फेज-एक......फेज-दो..........फेज-तीन
4000..........20990..........7470..........7740
60001..........16150........6190..........7130

व्यावसायिक भूखंडों की मौजूदा आवंटन दर

भूखंड आकार...ए श्रेणी...बी श्रेणी..सीश्रेणी....डी श्रेणी,ई श्रेणी
100.......3.15.......2.87.......2.40.......1.77
10001...1.86.......1.59.......1.43.......1.21

संस्थागत का आधार मूल्य 33940 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। सरकारी अस्पताल, डाकघर, विद्युत सबस्टेशन की कीमत 6600 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।

नोट- सभी तरह के भूखंडों का आकार वर्ग मीटर में और जमीन की कीमतें रुपये प्रति वर्ग मीटर में हैं।

श्रेणीवार आवासीय सेक्टर

श्रेणी ए :- सेक्टर: 14, 14ए, 15ए, 17, 30, 35, 36, 39, 50, 44, 51 व 52

श्रेणी बी :-सेक्टर : 15, 19, 20, 21, 23, 25 से 29, 31, 33, 34, 37, 40, 41, 46, 47, 48, 49, 53, 55, 56, 61, 62, 92, 93, 93ए, 93बी, 96, 97, 98, 99, 100, 105, 108 व 122.

श्रेणी सी :-सेक्टर : 11, 12, 22, 42, 43, 45, 70 से 78, 104, 107, 110, 119, 120, 121, 128, 129, 130, 131, 133, 134, 135, 137, 143, 143बी, 144, 151 व 168

श्रेणी डी :-सेक्टर : 63ए, 86, 112, 113, 116, 117 व 118

श्रेणी ई :- सेक्टर : 66, 79, 102, 115, 136, 141, 158 व 162
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सर्किल रेट, रजिस्ट्री बढ़ जाएंगे

जमीन के दाम बढ़ने का एक और असर रजिस्ट्री पर पड़ता है। फ्लैट या प्लॉट की रजिस्ट्री के समय ज्यादा स्टांप शुल्क चुकाना पड़ता है। क्योंकि नए रेट से ही आवंटित भूखंडों की कुल कीमत निकाली जाती है और उस पर पांच फीसदी की दर से स्टांप शुल्क चुकाना पड़ता है।

प्राधिकरण से आवंटन दर बढ़ते ही रजिस्ट्री विभाग सर्किल रेट में इजाफा करेगा। बढ़े आवंटन दरों में 11 फीसदी लीज रेंट और पांच फीसदी स्टांप शुल्क जोड़कर सर्किल रेट तय किया जाता है। इस हिसाब से जमीन के पुराने सर्किल रेट में कम से कम 16 फीसदी वृद्धि होना तय है।

बता दें, कि प्राधिकरण से तय की जाने वाली जमीन की कीमत को आवंटन दर और रजिस्ट्री विभाग की दर को सर्किल रेट कहा जाता है। प्राधिकरण से प्रॉपर्टी आवंटित होने पर आवंटन दर और रीसेल में खरीदने पर सर्किल रेट लागू होता है।
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