बिना जमीन के हवा में प्रोजेक्ट बना कर फ्लैट बेचने का मामला प्रकाश में आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद सदर थाना पुलिस कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
नई दिल्ली के रहने वाले सचिन दलाल ने सदर थाना पुलिस को आर्यन अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी करने की शिकायत दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसका व उक्त कंपनी के साथ एक करार हुआ था।
करार के तहत कंपनी उन्हें गुड़गांव के गांव झाड़सा के पास स्थित जमीन पर फ्लैट बनाकर देगी। जिसके लिए उसने 51 लाख की रकम कंपनी व इसके निदेशक धर्मबीर सिंह, परीक्षित पाल सिंह, प्रियंका अत्री व मदन मोहन शर्मा को दे दी। लेकिन उन्हें पता चला कि कंपनी ने तय समय पर फ्लैट निर्माण का काम शुरू नहीं किया है।
संदेह होने पर सचिन ने कंपनी के फ्लैट बनाए जाने वाले जमीन की जांच करवाई। उन्हें पता चला कि जिस जमीन पर कंपनी फ्लैट बनाने का दावा कर रही थी वह जमीन न तो कंपनी के नाम पर है और ना ही कंपनी के किसी निदेशक के नाम पर।
अधिक समय के बाद भी सचिन को फ्लैट नहीं मिला और ना ही कंपनी ने उनकी रकम वापस की। इस मामले की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा के पास भेजा गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।