विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तरकश में अभी कई और लोकलुभावन तीर बाकी हैं। वे 200 यूनिट बिजली मुफ्त करने से लगे करंट से उबरने से पहले ही वे विपक्षी दलों पर फ्री वाई-फाई का जाल फेंक सकते हैं।
इसके जरिये उनकी कोशिश दिल्ली के युवाओं को लुभाने की होगी। दूसरी तरफ आप सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ राशन भी पाइप लाइन में है। जल्द ही इस पर सरकार फैसला ले सकती है।
बीते विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्लीवालों को मुफ्त वाई-फाई देने का वादा किया था। हॉटस्पॉट के जरिये यह सुविधा मुहैया कराने की योजना भी सरकार में आने के बाद तैयार थी। लेकिन बीएसएनएल के आगे आने के बाद सरकार ने अपनी योजना में बदलाव किया है।
सार्वजनिक स्थलों के अलावा दो चरणों में 10-10 लाख घरों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद तीसरे चरण में पूरी दिल्ली कवर होगी। योजना पर 550 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही इस योजना का एलान किया जा सकता है।
इसके अलावा डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ राशन स्कीम भी दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सरकारी दुकानों पर मिलने वाला राशन सीधे आम लोगों के दरवाजे पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए मौजूदा योजना को मजबूत किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने के बाद लोगों को राशन की दुकानों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। साथ ही घटतौली आदि की समस्या भी दूर हो जाएगी।
दोनों योजनाएं दिल्ली की बड़ी आबादी पर बड़ा सियासी असर डालने वाली है। जानकारों का मानना है कि केजरीवाल सरकार अगर विधानसभा चुनाव से पहले दोनों योजनाओं को धरातल पर उतार लेती है तो यह आप को बड़ी सियासी बढ़त दिला सकता है। विपक्ष को इसका काट ढूंढने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।