बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए आवास विकास परिषद ने चुपके से वसुंधरा सेक्टर सात और आठ का लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेक्टर-7 और आठ की करीब 102 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित स्कूल, खेल के मैदान और कम्यूनिटी हॉल की जगह बहुमंजिला इमारतें और बिजनेस सेंटर बनाने की प्लानिंग है। हालांकि स्थानीय अधिकारी मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
आवास विकास परिषद ने करीब 25 साल पहले वसुंधरा योजना के नोटिफिकेशन के दौरान सेक्टर-7 और 8 की 102 एकड़ जमीन को खेल के मैदान, स्कूल और कम्यूनिटी हॉल आदि के लिए आरक्षित किया था।
मगर अब परिषद ने इसका लैंडयूज बदलकर मिक्स लैंडयूज करने की तैयारी कर ली है। परिषद ने इसके लिए लोगों से आपत्ति मांगी है। पिछले दिनों कई सामाजिक संगठनों ने मार्च निकालकर अधिकारियों से इसे कम्यूनिटी एरिया बनाए रखने की मांग की थी। मगर परिषद अधिकारी इस जमीन को लेकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
परिषद के अधीक्षण अभियंता केएस सिंघल ने बताया कि उन्हें मामले में कोई जानकारी नहीं है। मामला परिषद मुख्यालय के अधिकारियों के पास है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन का लैंडयूज बदला जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन एक बड़े बिल्डर को देने का निर्णय लिया जा चुका है। जमीन के लिए कई सौ करोड़ रुपये की डील की जानी है, जिसके बाद जमीन बिल्डर को बेची जाएगी।