तीस हजारी कोर्ट बार एसोसिएशन आज काम का बहिष्कार करेगी। शनिवार को वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद एसोसिएशन ने यह फैसला किया है।
आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार को वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने विशेष पुलिस आयुक्त संजय सिंह और अतिरिक्त उपायुक्त हरिंदर सिंह के तबादले और कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है।
कोर्ट के आदेश के बाद एएसआई कांता प्रसाद को निलंबित कर दिया गया, वहीं पवन कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोर्ट ने मामले की न्यायिक जांच के भी आदेश देते हुए 6 सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की पीठ ने केंद्र सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली, दिल्ली के सभी जिलों की अदालतों की बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया। साथ ही पुलिस अधिकारियों को दोपहर 3 बजे हाईकोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया।
पीठ के समक्ष वकील राहुल मेहरा ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल के कारण एक एएसआई को निलंबित कर दिया है और दूसरे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।
पीठ ने वकील विजय वर्मा पर गोली चलाए जाने के बारे में सवाल पूछा तो पुलिस की ओर से कहा गया कि आत्मरक्षा के लिए ऐसा किया। इस पर पीठ ने पुलिस को फटकार लगाई।
सेवानिवृत्त जस्टिस एसपी गर्ग करेंगे न्यायिक जांच
मामले की न्यायिक जांच की जिम्मेदारी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एसपी गर्ग को सौंपी गई है। जांच में सहयोग के लिए सीबीआई, आईबी और विजिलेंस के निदेशकों या वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं। वकीलों और पुलिस के बीच झड़प को लेकर छह एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने वकीलों की शिकायत पर दो केस दर्ज कर लिए हैं। मामले अपराध शाखा की एसआईटी को सौंप दिये गए हैं। प्राथमक पड़ताल के बाद एएसआई कांता प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है और एएसआई पवन कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।