नोएडा सेक्टर-18 मार्केट के तीन ब्लॉक 15 सितंबर तक चमक जाएंगे। नोएडा प्राधिकरण की बुधवार की बैठक में अधिकारियों ने इस तरह का लक्ष्य तय किया है। ब्लॉक में विकास के काम होने से 500 दुकानदारों को फायदा होगा।
नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी ने बताया कि बुधवार की बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया और उनसे सेक्टर-18 मार्केट में चल रहे काम की प्रगति के बारे में पूछा गया। बैठक में यह तय गया कि सेक्टर-18 मार्केट के एफ, जी और तिकोना पार्क के एरिया को 15 सितंबर तक सुधार दिया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया।
दरअसल, यहां पर री-डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। इसमें अंडरग्राउंड केबलिंग, ग्रीन एरिया, बेंच, लाइट आदि बनाने का काम करना है। इसके लिए प्राधिकरण की ओर से कवायद की जा रही है। इसके अलावा सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के लोगों ने यहां वर्टिकल गार्डन, फाउंटेन और दूसरी अन्य सुविधाओं की मांग की है।
इस बाबत सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन ने बताया कि पिछले दिनों प्राधिकरण में एसोसिएशन के साथ बैठक हुई थी। बैठक में काम को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की गई थी। अगर यह मांग तय समय में पूरी हो जाती है तो दुकानदारों के अलावा यहां आने वाले लोगों को भी लाभ होगा।
छह सेक्टरों में लगी कंपोस्ट मशीनें, छह से आई मांग
नोएडा। करीब एक वर्ष की कवायद के बाद छह सेक्टरों में कंपोस्ट मशीनें लगाई जा चुकी हैं। वहीं, छह अन्य सेक्टरों से मशीन लगाने की मांग आई है। दरअसल, इस मशीन के प्रयोग से कूड़े से खाद बनाई जाएगी। प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी ने बताया कि सेक्टर 15ए, सेक्टर-8 नर्सरी, सेक्टर-82, सेक्टर-93 एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट, सेक्टर-108 और 30 में कंपोस्ट मशीनें लगा दी गई हैं। वहीं, सेक्टर-26, 36, 14ए, 56, 36 और सेक्टर-14 से डिमांड आई है। अधिकारियों के मुताबिक , आरडब्ल्यूए को मशीन की कीमत का सिर्फ प्रतिशत देना है। 75 प्रतिशत नोएडा प्राधिकरण और 20 प्रतिशत दूसरी अन्य कंपनियों से सब्सिडी दिलाई गई है।
बिजली की तारों से हटाए गए पेड़
नोएडा सेक्टर-31 और 36 में कई पेड़ बिजली के तारों को छू रहे थे। कई जगहों पर यह बुरी तरह से उलझ भी गये थे। प्राधिकरण की टीम ने ऐसे पेड़ों की छटाई कर दी है।
नोएडा प्रवेश द्वार को चमकाया
नोएडा चिल्ला के पास नोएडा के प्रवेश द्वार को चमकाने के लिए प्राधिकरण ने पौधरोपण किया। यही नहीं साफ सफाई और बिजली आदि की भी व्यवस्था की गई। दरअसल, इस रास्ते में कांवड़ यात्रियों का रूट लगा है।