कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को किसान जिला मुख्यालय का घेराव करके अपना विरोध जाहिर करेंगे। किसान प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाएंगे। इस दौरान किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। रविवार को किसान संगठनों की तरफ से गांव में रुके किसानों से अपने-अपने जिला मुख्यालय का घेराव करने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही किसान यूनियन के पदाधिकारी यूपी गेट पर कृषि कानूनों के विरोध में एक दिन के अनशन पर भी बैठेंगे। भाकियू नेता राकेश टिकैत अनशन का नेतृत्व करेंगे।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन दिल्ली यूपी सीमा बैठकर 17 दिनों से अपना विरोध जता रहे हैं। आठ दिसंबर को किसानों ने भारत बंद किया था। इसके बाद 12 दिसंबर को टोल फ्री कर अपना विरोध जाहिर किया था। अब किसान 14 दिसंबर को देश भर में सभी जिलों पर डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। किसान संगठनों की तरफ से गांव के किसानों से आह्वान किया गया कि वह भारी संख्या में जिला कार्यालय पहुंच कर धरना प्रदर्शन करे। किसान प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कृषि कानून को वापस लेने की मांग करेंगे। सभी किसान यूनियन की जिला और प्रदेश की इकाइयां अपने इस आंदोलन को मजबूत करने में लग गई है। गांव में संपर्क कर सभी किसानों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यूपी गेट पर रविवार को कई किसान नेता अलग -अलग टोलियों में घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति बनाते देखे गए।
टिकैत के नेतृत्व में आज अनशन
भाकियू के मीडिया प्रभारी ने बताया कि रविवार शाम सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई जिसमें आंदोलन को और मजबूत बनाने की रणनीति तय की गई। साथ ही यह तय हुआ कि अब किसान अनशन भी शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सुबह 8 बजे से पांच बजे तक एक दिन के अनशन पर बैठेंगे। उनके साथ और भी किसान शामिल होंगे।