तिजारा रोड पर स्थित पुलिस नाका पर सुरक्षा के नाम पर केवल एक ही होमगार्ड़ तैनात किया हुआ है। यहां पर आने वाले बदमाशों को रोकने व पकड़ने के लिए इस नाका पर पर्याप्त साधन एवं संसाधन भी नहीं है।
झिर नाके पर ही सबसे ज्यादा गौतस्करी, लूटपाट की वारदात होती हैं। इस नाके पर पर्याप्त पुलिसबल तैनात न होने से किसी अप्रिय घटना के घटित होने का भय बना रहता है।
बता दें कि तिजारा रोड़ पर अरावली की वादियों में प्राचीन एवं पाड़वकालीन शिवमंदिर है। शिवमंदिर पर प्रतिदिन काफी महिलाएं एवं पुरुष पूजा अर्चना करने के लिए जाते हैं।
जबकि आला घाटी के पास नाहरखोल की मस्जिद है इस मस्जिद पर काफी मुस्लिम भाई जाते हैं। जैन समुदाय के तिजारा स्थित प्रशिद्ध जैन मंदिर पर भी पूजा करने के लिए जैन बंधू इसी रोड़ से तिजारा जाते हैं।
विशेष बात तो यह है कि मेवात जिला पुलिस ने झिर रोड पर पुलिस नाका लगाया हुआ है। यहां सिर्फ एक होमगार्ड तैनात है। डयूटी पर देखा जाता है। और वह भी बजाए वाहनों की चैकिंग करने के आराम फर्माते हुए दिखाई देते हैं।
झिर रोड से ही गौतस्कर गायों की तस्करी करते हैं। जबकि यदि पुलिस का रिकार्ड़ देखे तों पुलिस के जवानों ने कई बदमाशों को झिर रोड से चोरी की बाइक या फिर अवैध हथियारों के साथ दबोचा है।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि आखिरकार मेवात पुलिस इस झिर नाके को हल्के में लेकर सिर्फ एक होमगार्ड को यहां तैनात कर सुरक्षा की इतिश्री कर रही है। इस होमगार्ड के पास अपनी सुरक्षा करने के नाम पर केवल मोबाईल और लाठी है।
यदि मोबाइल के नैटवर्क छोड़ जाएं तो यह होमगार्ड सूचना देने में भी पूरी तरह से असहाय हो जाता है। झिर नाके पर दिन में किसी भी वाहन की चेकिंग नहीं की जाती है। जिससे कोई भी बदमाश राजस्थान से हरियाणा में और हरियाणा से राजस्थान में आसानी से प्रवेश कर जाता है।