फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिहाड़ से युट्यूब स्टार बनने तक की कहानी, एक 'किक' ने बदली इनकी जिंदगी

Thu, 24 Aug 2017 09:53 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
15 अगस्त को एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ में कैदी और जेल अधिकारी एक नाटक देख रहे थे। नशे की लत पर बने इस नाटक में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक्टर को जेल के सभी कैदी बहुत करीब से जानते हैं।
विज्ञापन


लीड रोल करने वाले अकरम एक अपराधी के तौर पर पिछले 23 साल में 21 बार तिहाड़ जेल जा चुके हैं। 2013 में तिहाड़ जेल में ही उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया‌ जिसने उन्हें एक अपराधी से सफल और प्रभावी अभिनेता में तब्दील कर दिया।

तिहाड़ जेल कैदियों में छिपी प्रतिभा निखारने को सामने लाने और निखारने के कला अभियान नाम की श्रृंखला चलाता है। चार साल पहले अकरम इसी अभियान में यूं ही शामिल हुए और फिर उन्हें एक्टिंग का ऐसा कीड़ा लगा कि अपराध की दुनिया से उनका नाता ही टूट गया।
विज्ञापन


    

ऐसे बदली सुरेंदर सोनी की जिंदगी

तिहाड़ में कैदी के तौर पर आए अकरम जेल में चलाए जा रहे कला अभियान के शुक्रगुजार हैं जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। अब वो पूर्व कैदी की जगह दूसरों को प्रेरणा देने वाले एक्टर के तौर पर जाने जाते हैं।

कला अभियान तिहाड़ के कैदियों की प्रतिभा को लोगों तक पहुंचाने के लिए दो हफ्ते का विशेष अभियान शुरु करने जा रहा है जिसकी शुरुआत रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उप‌स्थिति में होगी। तिहाड़ के अलावा ये कलाकार दिल्ली हाट, जनकपुरी और पीतमपुरा में भी अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे।

अभी कुछ महीनों पहले ही तिहाड़ जेल से रिहा हुए सुरेंदर सोनी के एक दोस्त ने उन्हें कला अभियान में बुलाया। सुरेंदर ने डांस क्लास ज्वॉइन किया और उन्हें इसका ऐसा चस्का लगा कि अब वो इसके दीवाने हैं।
विज्ञापन

पूर्व कैदी जो बन गया युट्यूब स्टा

तिहाड़ जेल
​सुरेंदर कहते हैं कि अगर उन्हें ये दिशा न मिली होती तो जेल से निकलने के बाद वो फिर से अपराध की काली दुनिया का ही हिस्सा बन जाते, लेकिन कला अभियान ने उनका जीवन बिगड़ने से बचा लिया।

तिहाड़ के ही एक पूर्व कैदी धीरज बजाज महफिल-ए-मोहम्मद रफी के नाम से अपना युट्यूब शो चलाते है। सुरेंदर बताते हैं कि कला अभियान के दौरान ही उन्हें सिंगिंग के अपने हुनर का पता चला। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बजाज अब अपने एक शो से ही डेढ़ लाख रुपये तक कमा लेते हैं।

धीरज के ही साथ तिहाड़ जेल में कैदी रहे भागीरथ ने कला अभियान के दौरान प्यूजिक में रुचि ली और अब वो तीन प्यूजिक अकादमी चलाते हैं, जबकि तिहाड़ के ही पूर्व कैदी राहुल नटराज थियेटर में एक्टिंग करते हैं और हर रोल से 20,000 रुपये कमाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें