पलवल के बाद अब अरावली पहाडिय़ों से सटे गांवों में भी तेंदुए की खबर मिल रही है। जिसके कारण गांव में दहशत का माहौल है। तेंदुए को पकडने के लिए वन्य जीव विभाग ने भी कवायद शुरू कर दी है। साथ ही फैसला लिया है कि तेंदुओं को पकडने के बाद इन्हें अरावली की पहाडिय़ों की बजाए राष्ट्रीय उद्यान कालेसर(यमुनानगर) में छोड़ा जाएगा।
दो हफ्ते पहले पलवल में रेलवे रोड पर आ गए तेंदुए को पकडने के लिए वन्य जीव विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस कार्रवाई में एक वन्य अधिकारी बुरी तरह घायल हो गया। तेंदुए को पकड़ कर अरावली की पहाडिय़ों को छोड़ दिया गया। लेकिन, एकबार फिर तेंदुए के देखने की सूचना मिल रही है।
एक सप्ताह पहले धौज स्थित बीएस अनंगपुरिया शिक्षण संस्थान के परिसर में तेंदुआ देखे जाने की सूचना है। संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ कैद हो गया है। करीब आधा घंटा कैंपस में रहने के बाद यह तेंदुआ बाहर भाग गया। इसके बाद तीन दिन पहले इसे कोट गांव में भी देखा गया। तेंदुए की सूचना से गांवों में दहशत का माहौल है। लोग रात को घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे है।
अरावली में 20 से ज्यादा तेंदुए
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अरावली पहाडिय़ों में तेंदुए की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस समय 20 से भी ज्यादा तेंदुए अरावली में होने की संभावना है। माना जा रहा है कि अरावली में वन्य जीवों के खाने के लिए भी कुछ नहीं है। इसलिए वह भोजन की तलाश में बाहर शहरी क्षेत्र में निकलकर आ जाते है।
मिल रही है सूचना
20 फरवरी के बाद लगातार अलग-अलग क्षेत्र से तेंदुए की सूचना मिल रही है। धौज स्थित बीएस अंगनपुरिया के सीसीटीवी कैमरे में रात को घूमता तेंदुआ पाया गया। हमने फैसला लिया है कि तेंदुओं को पकडने के बाद इन्हें अरावली की पहाडिय़ों की बजाए राष्ट्रीय उद्यान कालेसर(यमुनानगर) में छोड़ा जाएगा।