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मोदी के मंत्री ने भी किया सियासी ड्रामा!

Wed, 10 Sep 2014 10:37 AM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
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तिगांव विधानसभा क्षेत्र सिर्फ केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की वजह से ही वीआईपी नहीं है। यह क्षेत्र तो ग्रेटर फरीदाबाद के कारण भी अपने आपको अन्य विधानसभा क्षेत्रों से अलग स्थापित करता है।
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यहां भाजपा, कांग्रेस एवं इनेलो के लिए मतदाताओं की ओर से कई बड़े सवाल मुंह बाए खड़े हैं। जिनका जवाब देना आसान नहीं होगा।

यह क्षेत्र एक तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगा हुआ है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश से। उत्तर प्रदेश और इस क्षेत्र को यमुना नदी ही अलग दिखा पाती है वरना कोई फासला नहीं। लेकिन यह कई मायने में दिल्ली और यूपी दोनों से काफी पिछड़ा हुआ है।

इसीलिए इस क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि यमुना पर जल्द से जल्द पुल बने और ग्रेटर नोएडा, नोएडा के विकास की हवा इधर भी आए। दूसरी ओर दिल्ली से सटे पल्ला, सेहतपुर एवं बसंतपुर को विकास के पैकेज की दरकार है। पूर्वांचल समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में प्रवासियों की संख्या अधिक है इसलिए स्थानीय नेताओं ने उनकी उपेक्षा की है।
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ज्यादातर नेताओं ने इस क्षेत्र में अवैध रेती खनन को बढ़ावा दिया। अब उन्हीं में से अधिकांश चुनावी समर में उतरने को बेताब हैं। ज्यादातर नेताओं ने यहां बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग करके अनियमित कॉलोनियां बनाईं, जो आने वाले दिनों में मास्टर प्लॉन का प्लान खराब कर देंगी। सस्ते दाम के चक्कर में गरीब परेशान होंगे। यहां हर साल 20-25 बड़ी तोड़फोड़ होती है।

जमीन अधिग्रहण का मुद्दा किसानों के लिए बहुत अहम है। शिवदत्त वशिष्ठ एवं सतपाल नरवत जैसे किसान नेता लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार ने औने-पौने दामों पर जमीन खरीदकर बिल्डरों को बेच दी। कई गांवों के किसानों ने कम मुआवजे का आरोप लगाकर अब तक पैसा नहीं लिया है।

इनके सामने नेताओं को चुनाव में जवाब देना होगा। दुर्गा बिल्डर एरिया और त्रिवेणी बिल्डर जैसे प्रॉपर्टी विवाद के बड़े मामले इसी क्षेत्र से हैं। लेकिन नेताओं से उन लोगों को कोई राहत नहीं मिली है जो खून-पसीने की कमाई लगाकर ठगे गए हैं।

राष्ट्रपति से सम्मानित एवं नहरपार की एक सोसायटी में रहने वाले सुनील सिंह कहते हैं कि जिस उम्मीद से नहर पार (ग्रेटर फरीदाबाद) एरिया में लोगों ने घर लिया था, वह टूट गई है। अब तक न तो मास्टर रोड पूरा हुआ है न पानी की लाइन है और न तो बिजली कनेक्शन।

पुराने शहर के मुकाबले लोग काफी महंगे रेट पर सेवाएं ले रहे हैं। क्या क्षेत्र के नेताओं का यह काम नहीं था कि वह बिल्डरों पर दबाव डालकर खरीदारों को राहत दिलाते। चुनाव में अधूरे काम भी प्रश्न बनकर नेताओं के रास्ते में खड़े होंगे।

तिगांव: एक नजर में
-कुल वोटर: 2,24,413
-पुरुष वोटर: 1,26,741
-महिला वोटर:97,672

ग्रेफ-ग्रेनो को जोड़ने के पुल से पार होगी सियासी नैया
लोकसभा चुनाव से पहले कृष्णपाल गुर्जर तिगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। सांसद बनने के बाद वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री हैं। इसलिए ग्रेटर फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए उन्होंने 200 करोड़ रुपये लागत वाले एक पुल का मंझावली गांव में शिलान्यास करवा दिया है, लेकिन अब तक इसके लिए जमीन अधिग्रहण तक नहीं हुआ है। विरोधी कह रहे हैं कि यह सियासी ड्रामा सिर्फ चुनावी नैया पार करने के लिए किया गया है।

-खास बात: 2009 के विधानसभा चुनाव में कृष्णपाल गुर्जर सिर्फ 818 वोट से जीते थे। भाजपा के गुर्जर को 39,746 और कांग्रेस के ललित नागर को 38,928 वोट मिले थे।
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