सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में इस बार टिकट की कीमत नहीं बढ़ाई जाएगी। आम दिनों में टिकट की कीमत 120 रुपये होगी, जबकि सप्ताह के अंत और अवकाश के दिनों में इसकी कीमत 180 रुपये होगी। मेला प्राधिकरण का ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर जोर रहेगा। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन और हरियाणा पर्यटन केंद्रों पर भी मेले के टिकट उपलब्ध रहेंगे। हरियाणा पर्यटन निगम की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए मेले में हेलीकॉप्टर राइड इस बार भी नहीं होगी।
33वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला एक फरवरी से शुरू होकर 17 फरवरी 2019 तक चलेगा। करीब एक पखवाड़े तक चलने वाले इस मेले में हर साल लाखों दर्शक आते हैं। शनिवार और रविवार को तो मेला परिसर में पैर रखने की जगह नहीं होती। इस कारण लोगों को टिकटों के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मेला प्राधिकरण ने पिछले साल से टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू की थी, जिससे कि दर्शकों को मेला परिसर में पहुंच कर लाइनों में न लगना पड़े। इस बार भी मेला प्राधिकरण का ऑनलाइन टिकटों की बिक्री पर जोर रहेगा। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन औरल हरियाणा पर्यटन निगम के केंद्रों पर भी टिकट उपलब्ध होगी।
नहीं ले सकेंगे हेलीकॉप्टर राइड का मजा
मेले में दर्शकों को आकर्षित करने और आकाश से मेला परिसर का विहंगम दृश्य दिखाने के लिए वर्ष 2015 में हेलीकॉप्टर राइड शुरू की गई थी। वर्ष 2016 और फिर 2017 में भी दर्शकों ने इसका लुत्फ उठाया था, मगर 2018 में इसे बंद कर दिया गया। दर्शकों ने इसे दोबारा से शुरू करने की मांग की थी। सुरक्षा के चलते इसे बंद रखने का ही निर्णय लिया गया है। दर्शक इस बार भी मेले में हेलीकॉप्टर राइड का लुत्फ नहीं ले सकेंगे।
मेले के द्वारों को चमकाने का काम शुरू
मेला परिसर में विभिन्न प्रदेशों की एतिहासिक धरोहरों के प्रतिकृति द्वारों को संवारने का काम शुरू हो गया है। मेले में बने सिक्किम गेट, धनतेश्वरी देवी गेट, केदारनाथ गेट आदि को साफ कर रंगाई पुताई का काम शुरू हो गया है। मेले को संवारने के लिए महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के कलाकारों ने भी काम शुरू कर दिया है। उममीद जताई जा रही है कि 31 जनवरी तक मेले को संवारने का काम पूरी तरह से पूरा कर लिया जाएगा।