बल्लभगढ़ स्टेशन के पास से बुधवार शाम अगवा किए गए युवक को पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम सकुशल बरामद कर चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। टटलू गिरोह के बताए जा रहे बदमाशों ने और कौन सी घटनाएं अंजाम दी हैं, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है।
घर-घर जाकर कॉस्मेटिक सामान बेचने वाले श्याम साहू मूल रूप से मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला है। शहर में वह बड़े भाई अशोक साहू के साथ मवई रोड स्थित झुग्गी पीर बाबा के पास रहता है।
बुधवार की शाम वह अपने गांव जाने के लिए घर से निकला था। खेड़ी पुल के पास से उसने बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन जाने के लिए टेंपो पकड़ा।
उसमें एक युवक से उसकी मुलाकात हुई। बातों-बातों में युवक ने खुद को भी मुजफ्फरपुर के पास का रहने वाला बताया और उससे दोस्ती कर ली। युवक ने भी मुजफ्फरपुर साथ चलने की बात कह बल्लभगढ़ से अपने कपड़े और रुपये उठाने को कहा।
बल्लभगढ़ स्टेशन के बाहर युवक ने सिगरेट पी और उसे बैग से निकाल कर पीने के लिए फ्रूटी दी। फ्रूटी पीने के थोड़ी देर बाद श्याम अचेत हो गया। युवक उसे वैन में डालकर ले गया। होश में आने पर श्याम ने खुद को अंधेरे कमरे में पाया।
यहां उसे युवक के अलावा दो बुजुर्ग और एक अन्य युवक दिखा। उसके पास से ढाई हजार रुपये छीनने के साथ ही परिजनों को उसका अपहरण होने का फोन किया। फिरौती की रकम एक लाख से शुरू होकर पच्चीस हजार रुपये पर तय हुई।
अशोक ने बृहस्पतिवार सुबह खेड़ी पुलिस चौकी में मामले की जानकारी दी। बैंक अकाउंट में रुपये डलवाने का जोर डाल रहे अपहर्ताओं को बैंक बंद होने की बात बता कैश लेने के लिए तैयार किया गया।
ओल्ड फरीदाबाद स्थित एनके स्टूडियो में रुपये का लेनदेन तय हुआ। शाम को एक युवक रुपये लेने स्टूडियो पहुंचा और पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पकड़े गए युवक ने अपना नाम जफरू निवासी नगला हरीपुर कोसी मथुरा बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने होडल में चंदेला चौक के पास एक कमरे में बंधक रखे गए श्याम को बरामद किया।
उसको बंधक बनाए जफरू के पिता रईस, चाचा रसूल और सीवान, बिहार के रहने वाले शमशाद को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम में खेड़ी चौकी इंचार्ज सत्यनारायण, सीआईए भूपानी इंचार्ज इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह व अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
टटलू गिरोह से हैं संबंध
पकड़े गए जफरू ने बताया कि वह लोगों को खुदाई में सोने की ईंट मिलने की बात बताकर ठगता है। इसमें उसके पिता और चाचा भी शामिल हैं।
खेड़ी चौकी इंचार्ज ने बताया कि जफरू अधिकतर निम्न तबके के लोगों का अपहरण कर पच्चीस-तीस हजार रुपये तक की फिरौती वसूलता है। गरीब का फिरौती के लिए अपहरण करने पर पुलिस भी विश्वास नहीं करती।
मजबूरन लोगों को रकम देकर अपने परिजनों को छुड़ाना पड़ता है। जफरू इस तरह के कितने मामलों में शामिल रहा है, पुलिस इसका पता लगा रही है।