तिहाड़ की तीन जेल बहुत जल्द मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में तब्दील हो जाएगी। जर्जर हो चुकी इन जेलों की इमारतों को ध्वस्त कर नई टेक्नोलॉजी के जरिये बनाया जाएगा। इनमें कैदियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के अलावा सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम होंगे।
नई जेलों का निर्माण होने से अधिक संख्या में कैदियों को रखना भी संभव हो जाएगा। तिहाड़ परिसर में निर्मित 9 में से पुरानी हो चुकी 3 जेल के भवनों को तोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी ने टेंडर जारी किया है, जिसे जल्द अमली जामा पहनाया जाएगा।
इन्हें आधुनिक रूप देने के लिए देश-विदेश की जेलों के डिजाइन का भी अध्ययन किया जा रहा है। तिहाड़ स्थित जेल नंबर-1, 2 और 3 की इमारत करीब 40 साल पुरानी हैं। इनके गिरने का भी खतरा बरकरार है।
साथ ही, तीनों ही एक मंजिल हैं, जिससे कम संख्या में कैदियों को रखने की सुविधा है। पुरानी हो चुकी तीनों जेल के इमारतों को तोड़कर नए सिरे से निर्माण किया जाएगा।