आईएस से प्रभावित आतंकी संगठन हरकत उल हर्ब ए इस्लाम के तीन आरोपियों को एनआईए की पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। संगठन का सरगना मुफ्ती मोहम्मद सुहेल उर्फ हजरत समेत दो सदस्य फिलहाल 12 जनवरी तक एनआईए की रिमांड में है। मेरठ से गिरफ्तार मोइन 14 जनवरी तक पुलिस रिमांड में है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल के समक्ष एनआईए ने अनस यूनुस, राशिद जफर रक व जुबेर मलिक को पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। एजेंसी ने कहा इन आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन फिलहाल केस की जांच चल रही है।
इसलिए इन्हें जेल भेज दिया जाए। इस आग्रह पर कोर्ट ने तीनों को छह फरवरी तक जेल भेज दिया। अदालत ने इससे पहले सात जनवरी को जैद मलिक व मोहम्मद आजम तथा रहीस अहमद व उसके भाई साईद उर्फ सईद, मोहम्मद इरशाद, को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
एजेंसी ने इन आरोपियों पर देश के खिलाफ युद्घ, युद्घ की साजिश, आपराधिक साजिश, अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम, एक्सप्लोसिव एक्ट व आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई हैं। एनआईए ने इन आरोपियों को दिल्ली, यूपी के अमरोहा व मेरठ में 17 स्थानों पर छापेमारी कर 26 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से एनआईए ने भारी मात्रा में हथियार, टाइम बम, पाइप बम व फिदायिक बेल्ट बनाने का सामान बरामद किया था।