असम से गिरफ्तार आतंकी सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए आपस में टेलीग्राम पर बातचीत करते थे। इसके अलावा वह दिल्ली में कई लोगों के संपर्क में थे।
इनके मंसूबे दिल्ली में तबाही मचाने के थे और इसके लिए इन्होंने बम बनाने के लिए विस्फोटक व अन्य सामान असम में एकत्रित कर लिया था। उनकी योजना विस्फोटक को दिल्ली लाकर बम बनाने की थी।
यह सारी जानकारी दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की पूछताछ में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक बांग्लादेशी आईएसआईस से प्रभावित यह आतंकी बांग्लादेश भी जा चुके हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह कितनी बार बांग्लादेश गए और दिल्ली में किसके संपर्क में थे।
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आतंकी आपस में टेलीग्राम से बात करते थे। इन आतंकियों ने टेलीग्राम पर ग्रुप बना रखा था। यह टेलीग्राम पर चैट करते थे।
बातचीत होने के बाद वह चैट को तुरंत डिलीट कर देते थे। आरोपी दिल्ली में अपने स्पीपर सेल से टेलीग्राम से बात करते थे। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन बरामद किये हैं लेकिन किसी के मोबाइल से टेलीग्राम पर चैटिंग नहीं मिली है।
पुलिस टेलीग्र्राम चैटिंग का पता लगाने के लिए तीनों आरोपियों के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी टेलीग्राम पर इसलिए बात करते थे क्योंकि यह व्हाट्स ऐप से ज्यादा सुरक्षित होता है। टेलीग्राम पर की गई चैटिंग के लीक होने की आशंका न के बराबर होती है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने असम से तीन कथित आतंकियों लुइत जमील जमां उर्फ अली, रंजीत इस्लाम और मुकादिर इस्लाम को पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। पुलिस इन आतंकियों के मोबाइल की पिछले एक वर्ष की कॉल डिटेल निकलवा रही है।