तीन तलाक से निजात देने की मांग करने वाली मुस्लिम महिलाओं का समर्थन करते हुए आप पार्टी के नेता एवं सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद इसहाक ने इसे कुरान और हदीश के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा तीन तलाक किसी भी तरह से मान्य नहीं है। इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए।
गुरुग्राम-अलवर रोड पर स्थित अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोहम्मद इसहाक ने कहा पति और पत्नी का रिश्ता पवित्र होता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब पुरुष को तलाक देने का अधिकार है तो महिलाओं को भी अपने पति को तलाक देने का अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने कहा तलाकशुदा महिला जगह-जगह इंसाफ की गुहार लगाती है। लेकिन उसकी फरियाद कोई नहीं सुनता। उन्होंने कहा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जब पीड़ित तलाकशुदा महिला को इंसाफ नहीं देता तो इसकी कोई जरूरत नहीं है।
इस बोर्ड को शीघ्र ही खत्म कर देना चाहिए। मूलरूप से मेवात के रीगड़ गांव में रहने वाले मोहम्मद इसहाक ने कहा जब युद्ध होते थे तो महिलाओं के शौहर युद्ध में शहीद हो जाते थे। इन विधवाओं को सहारा देने एवं उनकी परवरिश करने के लिए पहले चार शादियां की जातीं थीं। लेकिन अब लोग मौज मस्ती करने के लिए कई-कई शादियां कर रहे हैं जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा केंद्र सरकार को तीन तलाक को शीघ्र ही समाप्त कर देना चाहिए।