सरिया चोरी के गोरखधंधे पर कब्जे को लेकर अनिल दुजाना और सुंदर भाटी गिरोह के बीच एसटीएफ टीम ने गैंगवार टाल दिया है। दनकौर पुलिस की मदद से एसटीएफ ने अनिल दुजाना गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। टीम ने शातिर शूटरों के कब्जे से तीन पिस्टल, तीन मोबाइल व एक कार बरामद की है। तीनों शूटर सुंदर भाटी के गाजियाबाद निवासी दो गुर्गों की हत्या के इरादे से घूम रहे थे।
एसटीएफ के डीएसपी राजुकमार मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों की पहचान अनिल दुजाना गैंग के अंकित चौधरी निवासी काकरपुर इटावा, बब्बल उर्फ जितेंद्र निवासी दुहाई गाजियाबाद, विशाल रावत निवासी पंचलोक कॉलोनी चिपियाना बिसरख के रूप में हुई है। दुजाना गैंग का सक्रिय सदस्य बब्बल उर्फ जितेंद्र अपने साथियों के साथ मिलकर गाजियाबाद में ट्रकों से सरिया चोरी का बड़े स्तर पर गोरखधंधा कर रहे हैं। वहीं सुंदर भाटी गैंग के सदस्य भी इस गोरखधंधे से जुड़े हैं।
सरिया चोरी के गोरखधंधे पर वर्चस्व व कब्जे को लेकर दोनों शातिर गिरोह में झगड़ा चल रहा है। इसमें दोनों गिरोह एक दूसरे के गुर्गों की पूर्व में हत्या भी कर चुके हैं। इसी वर्चस्व की जंग में अनिल दुजाना गैंग के सक्रिय सदस्य बब्बल ने सुंदर भाटी गैंग के गाजियाबाद निवासी दो सदस्यों को मारने की साजिश रची थी। डीएसपी ने बताया कि बब्बल गाजियाबाद क्षेत्र में वहां के अनुज शर्मा के साथ मिलकर सरिया चोरी का गोरखधंधा करता है। इसमें सुंदर भाटी के गुर्गें अड़चन बन रहे थे, इसके चलते वह उनकी हत्या करना चाहता था। बृहस्पतिवार राम बब्बल अपने दो साथियों के साथ दनकौर की खेरली नहर पहुंचा था।
तभी बदमाशों के यहां पहुंचने की भनक एसटीएफ की टीम को लग गई। एसटीएफ ने दनकौर कोतवाली पुलिस के सहयोग से बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि सरिया चोरी के गोरखधंधे को लेकर सुदंर भाटी गैंग के दो गुर्गों की हत्या करने की नीयत से घूम रहे थे। अगर, आरोपी वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो जाते तो दो शातिर गिरोह में गैंगवार फिर से शुरू हो जाती।
दुजाना से अंकित की इटावा जेल में हुई मुलाकात
अंकित चौधरी इटावा का रहने वाला है। उसकी मुलाकात अनिल दुजाना से इटावा जेल में हुई थी। जिसके बाद से वह दुजाना गैंग में जुड़ गया। अंकित चौधरी दुजाना गैंग के शूटर बब्बल के साथ मिलकर सरिया चोरी का काम करने लगा। यह बदमाश दुजाना से जेल और पेशी पर मुलाकात करते हैं। अंकित चौधरी इससे पहले भी दुजाना के गुर्गों के साथ बिसरख कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।