जेवर की रहने वाले गर्भवती ललिता ने डिलीवरी के लिए तीन सरकारी अस्पताल में चक्कर काटे, लेकिन कहीं पर इलाज नहीं मिला। दो अस्पताल ने गंभीर केस बताते हुए हाथ खड़े कर दिए। वहीं, दिल्ली के अस्पताल ने जिला अस्पताल के पर्चा पर डॉक्टर द्वारा रेफर न लिखे होने से भर्ती करने से मना कर दिया। परिवार वाले फिर गर्भवती को ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में लेकर आए, जहां पर महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से लड़की को जन्म दिया है। दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
जेवर में रहने वाले विनोद ने बताया कि वो बृहस्पतिवार को अपनी गर्भवती पत्नी को डिलीवरी के लिए जेवर के अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहां की एक डॉक्टर ने गंभीर केस बताते हुए प्राइवेट अस्पताल में जाने को बोल दिया। ऐसे में विनोद पत्नी को 102 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल लेकर आए। वहां पहुंचने के बाद जिला अस्पताल की डॉक्टर ने बिना देखे मरीज को दूसरे अस्पताल में लेकर जाने के लिए बोल दिया।
विनोद ने बताया कि आनन-फानन में पत्नी को दिल्ली स्थित लोकनायक अस्पताल लेकर गया। इसके लिए जिला अस्पताल की एंबुलेंस ली। पर एंबुलेंस ने लोकनायक अस्पताल के बाहर ही छोड़ दिया। फिर डॉक्टर ने ये कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया कि जिला अस्पताल की डॉक्टर ने पर्चा पर रेफर नहीं लिखा है। वहीं ऐसा ही एक और मामला आया। जब जेवर की डॉक्टर ने ज्योति को गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। जबकि जिला अस्पताल में आने पर ज्योति की नॉर्मल डिलीवरी हुई।