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Delhi NCR News: तीन धार्मिक स्थल पवित्र उपवन के रूप में होंगे संरक्षित

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भोंडसी स्थित माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर, कासन का भक्त पुराणमल मंदिर और गैरतपुर बास स्थित बाबा बिलासिया दरगाह हैं शामिल
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गुरुग्राम। हरियाणा सरकार की पवित्र उपवन योजना के तहत जिले के तीन धार्मिक एवं पारंपरिक वन क्षेत्रों को संरक्षण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें भोंडसी स्थित माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर, कासन का भक्त पुराणमल मंदिर और गैरतपुर बास स्थित बाबा बिलासिया दरगाह शामिल हैं। इन स्थलों को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए इन्हें औपचारिक रूप से पवित्र उपवन घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वन विभाग इन तीनों स्थलों का दस्तावेज तैयार कर रहा है। प्रत्येक स्थल के भौगोलिक निर्देशांक, क्षेत्रफल, प्रमुख वनस्पतियों, स्थानीय देवता, धार्मिक परंपराओं, पारंपरिक संरक्षण नियमों, पंचायत के प्रस्ताव, राजस्व स्थिति और जैव विविधता प्रबंधन समिति की सिफारिशों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इन सभी पहलुओं के मूल्यांकन के बाद राज्य सरकार अंतिम अधिसूचना जारी करेगी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पवित्र उपवन केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जल स्रोतों के संरक्षण और पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान के महत्वपूर्ण संरक्षक भी हैं।

पवित्र उपवन घोषित होने के बाद इन स्थलों का संरक्षण सामुदायिक भागीदारी के साथ किया जाएगा। इससे गुरुग्राम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार तैयार होगा। यह पहल आस्था और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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वर्जन
पवित्र उपवन योजना के तहत जिले के तीन धार्मिक एवं पारंपरिक वन क्षेत्रों को संरक्षण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें भोंडसी स्थित माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर, कासन का भक्त पुराणमल मंदिर और गैरतपुर बास स्थित बाबा बिलासिया दरगाह शामिल हैं। डॉ. केसी मीना, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा
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