एनएचएआई के अनुसार, प्रस्तावित पार्किंग स्थलों में पूर्वी जिला अधिकारी कार्यालय रानी गार्डन, गीता कॉलोनी और गांधी नगर बाजार शामिल है। गांधी नगर बाजार में 1.4 हेक्टेयर में विकसित होने वाली यह पार्किंग सुविधा न सिर्फ एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए बल्कि स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।
यमुनापार में जल्द वाहनों को पार्क करने की समस्या से छुटकारा मिलने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड में तीन स्थानों पर नई पार्किंग बनाने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है। इसका प्रत्यक्ष लाभ यमुनापार के लोेगों को मिलेगा खासकर व्यस्त गांधी नगर बाजार के कारोबारियों और ग्राहकों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
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एनएचएआई के अनुसार, प्रस्तावित पार्किंग स्थलों में पूर्वी जिला अधिकारी कार्यालय रानी गार्डन, गीता कॉलोनी और गांधी नगर बाजार शामिल है। गांधी नगर बाजार में 1.4 हेक्टेयर में विकसित होने वाली यह पार्किंग सुविधा न सिर्फ एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए बल्कि स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। इस इलाके में पार्किंग की कमी और वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से सड़कों पर जाम की समस्या बनी रहती है। नई पार्किंग सुविधा से न केवल ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सकेगा बल्कि बाजार के आसपास की सड़कें भी सुचारू रूप से चलेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि गांधी नगर बाजार जैसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र के पास आधुनिक पार्किंग सुविधा होना स्थानीय व्यवसाय को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देगा। यात्री और स्थानीय ग्राहक आसानी से बाजार पहुंच सकेंगे, जिससे खरीदारी और व्यवसाय दोनों को लाभ मिलेगा। पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 10 फिसदी आरक्षित स्थान और सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटिंग जैसी सुविधाएं हाेंगी।
पार्किंग में कई तरह की होंगी सुविधाएं
प्रस्तावित पार्किंग स्थलों में यात्रियों की सुविधा के लिए चिकित्सा सहायता कक्ष, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग चार्जिंग सिस्टम और पार्किंग क्षमता संकेतक जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, खाद्य-पेय कियोस्क, एटीएम, एयर फिलिंग स्टेशन और प्रदूषण जांच केंद्र भी यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। एनएचएआई का लक्ष्य है कि इन सुविधाओं को वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित किया जाए, ताकि यह न केवल कार्यात्मक और सुरक्षित हों, बल्कि सौंदर्य और वास्तुकला के दृष्टिकोण से भी आकर्षक बनें। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को डिज़ाइन-बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया अक्तूबर मध्य तक पूरी होने की संभावना है।
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इस माह शुरू हो सकता है एक्सप्रेसवे
दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर लंबा छह से बारह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के देहरादून को जाड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे का कुछ खंड उपयोग के लिए तैयार हैं, वहीं देहरादून की ओर जाने वाले हिस्सों में सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया अभी चल रही है। बीते माह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेसवे को अक्तूबर में शुरू करने की योजना है।