पालतू कुत्तों के पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य कर गाजियाबाद नगर निगम ने प्रदेश में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कुत्तों के पंजीकरण की इस आइडियल प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रदेश के तीन नगर निगम आगे आए हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था को अपनाने के लिए बनारस, कानपुर और मेरठ नगर निगम ने गाजियाबाद से विस्तृत जानकारी मांगी है। निगम अधिकारियों ने इस बाबत जल्द जानकारी मुहैया कराने की बात कही है।
नगर निगम ने लंबी प्रक्रिया के बाद पालतू कुत्तों के अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था लागू की है। शुरुआत में नगर निगम की प्रक्रिया के प्रति लोगों का कम रुझान देखने को मिल रहा है।
नगर निगम की ओर से एक फरवरी को कुत्तों के पंजीकरण के लिए लांच किए गए मोबाइल एप पर करीब 255 लोग पंजीकरण करा चुके हैं। नगर निगम की तैयारी पंजीकरण नहीं कराने वालों पर पैनाल्टी लगाने की चल रही है।
नगर निगम ने लोगों को राहत देते हुए 31 मार्च तक पंजीकरण कराने का मौका दिया है। इसके बाद निगम कर्मचरारयों से कॉलोनी वाइस सर्वे कराएगा। सर्वे के आधार पर चिह्नित होने वाले लोगों पर पैनाल्टी लगाई जाएगी।
पैनाल्टी कितनी होगी, अभी इसका निर्धारण नहीं हुआ है। दूसरी ओर पालतू कुत्तों के लिए लोगों को एक हजार रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम की कुत्तों के पंजीकरण की नई व्यवस्था को प्रदेशभर में सराहा जा रहा है। नई पंजीकरण व्यवस्था की बनारस, कानपुर और मेरठ नगर निगम ने जानकारी मांगी है। जल्द पंजीकरण संबंधी जानकारी मुहैया कराई जाएगी।