राजधानी में डेंगू से तीन और मरीजों की मौत डेंगू से हो गई। परिजनों ने बताया कि जीटीबी अस्पताल में आपातकालीन विभाग में इलाज के दौरान दो मौत हुई है लेकिन अस्पताल के डेंगू नोडल अधिकारी डॉ. जेपी कपूर का कहना है कि डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।
दिलशाद गार्डन इलाके जे एंड के पॉकेट में रहने वाले एपी गुप्ता ने बताया कि उनकी पत्नी अर्चना गुप्ता (41) को चार दिन से बुखार था और इलाज के लिए जीटीबी अस्पताल गए थे लेकिन डॉक्टरों ने दवा देकर घर जाने को कहा।
उस समय उनका प्लेटलेट्स 50 हजार के करीब था। शनिवार सुबह इमरजेंसी में भर्ती के बाद उनकी मौत हो गई। वहीं हर्ष विहार के प्रताप नगर में रहने वाले हिमांशु (6) भी दो दिन से बुखार से पीड़ित था।
शनिवार सुबह जीटीबी में मौत हो गई। वहीं दक्षिण दिल्ली में रविवार को मैक्स साकेत अस्पताल में मरीज अनीता शर्मा (36) की डेंगू से मौत हो गई।
डेंगू पर सियासत, फॉगिंग टीम पहुंची केजरीवाल के घर
रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के पास खूब ड्रामेबाजी देखने को मिली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रविंद्र गुप्ता फॉगिंग टीम को लेकर वहां पहुंच गए।
लेकिन टीम को सीएम आवास में जाने की अनुमति नहीं मिली। टीम को सीएम के पड़ोसी के घर डेंगू का लार्वा मिला है। डेंगू को ध्यान में रख एमसीडी फॉगिंग टीम ने जुटी हुई है।
इस कड़ी में नार्थ एमसीडी के मेयर रविंद्र गुप्ता दलबल के साथ मुख्यमंत्री निवास पर फॉगिंग करने के लिए पहुंचे लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें नहीं घुसने दिया। मुख्यमंत्री आवास में फॉगिंग टीम को जब अनुमति नहीं मिली तो पड़ोसी के घरों में डेंगू का लार्वा ढूंढने निकल पड़े।
सीएम के घर में घुसने की नहीं मिली अनुमति
मुख्यमंत्री के एक पड़ोसी के घर में लार्वा मिलने पर कानूनी नोटिस जारी किया गया है। घर में घुसने की अनुमति नहीं मिलने पर मेयर रविंद्र गुप्ता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यह असहयोग है और हम सीएम से अपील करते हैं कि डेंगू से लड़ने में वे हमारी मदद करें।
नागरिकों से हम अपील करते हैं कि हमारे कर्मियों को घरों के अंदर घुसने दें जो उनके हित में ही वहां जाते हैं। यदि मुख्यमंत्री का यही व्यवहार है कि वो मेयर के साथ पहुंचे एमसीडी कर्मियों को प्रवेश नहीं करने दिया तो किसी और से क्या कहें? यहीं नहीं, मेयर ने यह भी कहा यदि मुख्यमंत्री का यह रवैया मेयर के साथ है तो आम नागरिक के साथ क्या होगा।
इससे पूर्व मेयर ने डेंगू रोधी अभियान की शुरुआत पूसा इंस्टीट्यूट के सामने से की थी। जो कि विशेष रूप से राजेंद्र नगर और इंद्रपुरी को ध्यान में रख किया गया। वह नारायणा भी गये जहां फॉगिंग कराई गई।