सोशल मीडिया और बॉलीवुड फिल्मों की चकाचौंध देखकर तीन नाबालिग लड़कियों ने देहरादून स्थित अपना घर छोड़ दिया। वह परिवार की बंदिशों से मुक्त होना चाहती थीं। तीनों ट्रेन में सवार होकर दिल्ली पहुंच गईं। देहरादून में तीनों के गायब होने का पता चला तो वहां हड़कंप गया। उनकी लोकेशन ट्रेस की गई तो वह दिल्ली की मिली। फौरन देहरादून पुलिस ने दिल्ली पुलिस से मदद मांगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन उत्तरी जिला पुलिस हरकत में आई। कई टीमें बनाकर तीनों लड़कियों की तलाश शुरू कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज के अलावा कई घंटों की मशक्कत के बाद तीनों को आईएसबीटी कश्मीरी गेट से ट्रेस कर लिया गया।
बाद में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनको देहरादून पुलिस के हवाले कर दिया गया। टीम उनको वापस लेकर देहरादून लौट गई। परिजन अपनी बच्चियों को सकुशल पाकर बेहद खुश हैं। वह पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहे। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोतवाली थाने के बेहतर काम के लिए उनकी प्रशंसा की है। उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीना ने बताया कि दो जून को देहरादून के विकास नगर थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस से एक मदद मांगी थी। टीम ने बताया कि 13, 14 और 17 साल की तीन लड़कियां एक जून से गायब हैं। इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज किया है। लड़कियों की आखिरी लोकेशन दिल्ली की आ रही है।
सूचना मिलने के बाद फौरन उत्तरी जिला की कोतवाली थाना पुलिस एक्टिव हो गई। फौरन तीन टीमों का गठन किया गया। लड़कियों के फोन बंद आ रहे थे। पुलिस ने देहरादून पुलिस द्वारा भेजे गए फोटो की 100 कॉपी बनवाई। इसके अलावा करीब 150 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई। बस अड्डे, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन के अलावा गुरुद्वारा समेत अन्य जगहों की पड़ताल की गई। इस बीच शाम के समय पुलिस की टीम ने कोडिया पुल के पास तीनों को घूमते हुए देखा। तीनों को थाने लाकर उनकी पहचान की गई। बाद में देहरादून पुलिस को खबर दे दी गई। देहरादून पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और उनको आकर वापस ले गई। देहरादून पुलिस उनकी काउंसलिंग करा रही है। बाद में उनको परिजनों के हवाले कर दिया गया।