वहीं प्रियरंजन का कहना था कि हिंसा वाले दिन जेएनयू में व्हाट्स ऐप ग्रुप में काफी मैसेज चल रहे थे। मैसेज पढ़कर वे पेरियार हॉस्टल में माहौल को देखने गए थे। प्रियरंजन ने भी अपना बयान दर्ज कराया। सुचेता व प्रियरंजन उन आरोपियों में शामिल हैं, जिनके फोटो पुलिस ने गत शुक्रवार को जारी किए थे। इन दोनों ने किसी अन्य आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया।
उधर, पुलिस ने हिंसा वाले दिन 5 जनवरी को साबरमती टी पाइंट पर घायल चार छात्रों से पूछताछ कर पूरा घटनाक्रम जानने का प्रयास किया। इन छात्रों ने भी अपने बयान दर्ज कराए। इनका कहना था कि साबरमती टी प्वाइंट के पास अचानक पत्थरबाजी होने लगी।
वे वहां से गुजर रहे थे और पत्थर लगने से घायल हो गए। स्टिंग में दिखाई दे रहे आरोपी रोहित शाह व अक्षत मंगलवार को पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। पुलिस ने इन दोनों को फिर से नोटिस भेजा है और बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया है।
एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नौ आरोपियों से जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत पांच से पूछताछ हो चुकी है। बाकी चार आरोपियों को बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इन सभी को नोटिस दिया हुआ है। आइशी घोष को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
सर्वर से फुटेज निकालाने का प्रयास
कैंपस पहुंची फॉरेंसिक टीम की डायरेक्टर दीपा वर्मा का कहना है कि सर्वर से फुटेज निकालने का प्रयास किया जा रहा है। लैब की क्राइम सीन डिवीजन के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव गुप्ता ने कहा कि कंप्यूटर फॉरेंसिक और फोटो टीम ने कैंपस में काम शुरू कर दिया है। टीम बुधवार को भी पहुंचेगी।