अब मुसीबत यह थी कि किसकी रिपोर्ट को सही माने और किसका इलाज कराएं। उन्होंने एम्स की रिपोर्ट पर भरोसा जताते इलाज शुरू कराया। लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने उन्हें आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया।
गनीमत रही कि आरएमएल में केवल 12 घंटे गुजारने के बाद उन्हें एम्स में बेड मिल गया। फिलहाल भक्ति एम्स में दाखिल है और उसका आंतों की टीबी का इलाज चल रहा है। इसके बाद से उसके दर्द में भी काफी कमी आई है।
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र शर्मा का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है, इसलिए वह इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया तो नहीं दे सकते, लेकिन किसी के भी पेट दर्द के ये तीनों कारण हो सकते हैं।