नई दिल्ली जिले की बाराखंभा थाना पुलिस ने तीन ऐसे लोगों को पकड़ा है जो 9.85 करोड़ के फर्जी डिमांट ड्राफ्ट (डीडी) को कैश कराने क्नॉट प्लेस आए थे। लेकिन बैंक मैनेजर की सतर्कता से फर्जी डीडी को कैश कराने की वारदात टल गई।
नई दिल्ली जिला डीसीपी डा. ईश सिंघल ने बताया कि बाराखंभा रोड थाना क्षेत्र स्थित डीसीएम बिल्डिंग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के सीनियर मैनेजर अनिल कुमार जैन ने 12 सितंबर को शिकायत दी थी कि के-ब्लाक, कनॉट प्लेस स्थित उनकी ब्रांच में तीन लोग आए। इन लोगों ने एवरेस्ट बैंक लिमिटेड (नेपाल से ऑपरेट होने वाली पीएनजी की सहायक बैंक) से जारी एक डीडी बैंक में दिया।
9.85 करोड़ का डीडी 20 अगस्त, 2019 को जारी किया गया था। डीडी की रकम ज्यादा थी। इस कारण बैंक ने जांच शुरू की। संदेह होने पर बैंक मैनेजर ने इसकी सूचना बारांखभा थानाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह यादव को दी। बैंक की जांच में यह बात सामने आई कि डीडी 43,350 रुपये का था और जुलाई, 2019 में चेन्नई में कैश हो गया था। डीडी फर्जी पाया गया। बाराखंभा थानाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह यादव की टीम ने मामला दर्जकर भोपाल निवासी यश सक्सेना, देवेंद्र सिंह मालविया और राजीव उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 9.85 करोड़ और 30 लाख रुपये के दो फर्जी डीडी बरामद किए गए।
पूछताछ में ये बात सामने आई कि यश व देवेंद्र ने होटल खरीदने के लिए 1.2 करोड़ रुपये का लोन दिलवाया था। इसके बाद तीन अच्छे दोस्त हो गए। ये तीनों राजेंद्र सिंह परमार के संपर्क में थे। इन लोगों ने राजेंद्र सिंह को 3.5 करोड़ का लोन दिलवाया था। राजेंद्र सिंह ने ही तीनों को 9.85 करोड़ रुपये का डीडी कैश करने के लिए दिया था। डीडी कैश होने पर उन्हें पांच फीसदी के हिसाब से 50 लाख का कमीशन मिलता।