मार्च, 2018 में सलीम ने दिल्ली में कई बैठक भी कीं। वह सलीम व फरार साथी के साथ दो बार वसीम रिजवी की दो बार लखनऊ में रेकी कर चुके हैं। इसकी जानकारी इन्होंने दुबई में बैठे अपने हैंडलर को दी थी।
इसके बाद आरोपियों ने हथियार खरीद लिए थे। आरोपियों को पपड़ने के लिए एसीपी गोविंद शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर चंद्रिका प्रसाद, अमूल्य त्यागी, सतीश राणा की विशेष टीम बनाई गई।
इस पुलिस टीम ने एक सूचना के बाद सलीम, अबरार व आरिफ को बुलंदशहर से 12 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से हथियार व दुबई बात करने के लिए इस्तेमाल हो रहे मोबाइल फोन बरामद किए गए।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपी दाऊद केसबसे करीबी छोटा शकील व डी कंपनी के कुछ खास लोगों के संपर्क में थे। सलीम बाकायदा पैसे लेने दुबई गया था। वह दिसंबर महीने में दुबई गया था और जनवरी में भारत लौटा था।
दाऊद के आदमी ने उसे चार हजार दरहम भी हथियार आदि खरीदने केलिए दिए थे। सलीम पहले मुंबई में आर्थर जेल में बंद था। इस जेल में डी कंपनी के काफी लोग बंद हैं। माना जा रहा है कि जेल में ही वह डी कंपनी के संपर्क में आया।
बरामद हथियार-
आरोपियों केकब्जे से 12 कारतूस केसाथ दो पिस्टल, दो कारतूस केसाथ देशी कट्टा, छह सिम कार्ड व तीन मोबाइल हैड सैट बरामद किए गए हैं।