अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के संबंध में शनिवार को तीन प्राथमिकी दर्ज कीं। इसमें छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य संस्थाओं के कार्यकर्ता शामिल थे।
नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो प्राथमिकी संसद मार्ग थाने और एक प्राथमिकी कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई। इनमें लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा का आरोप लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है। हालांकि, उन आयोजकों और संगठनों का विवरण दिया गया है, जिन्होंने प्रदर्शन का आह्वान किया था या उसमें हिस्सा लिया था।
छात्र संगठनों, राजनीतिक दलों के नेताओं और नागरिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने का प्रयास किया था। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। धारा 163 के तहत पूर्व लिखित अनुमति के बिना पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने आदि पर रोक थी। शुक्रवार को पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने बड़ी संख्या में लोगों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोक दिया और जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों से करीब एक हजार लोगों को हिरासत में लिया। बाद में इनमें से कई लोगों को छोड़ दिया गया।