फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: तीन आयाम, एक समाधान... फेज-4 डबल डेकर कॉरिडोर बनकर तैयार, एक पिलर पर मेट्रो और फ्लाईओवर

Sun, 11 Jan 2026 07:49 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अब तक राजधानी में फ्लाईओवर और मेट्रो लाइनें अलग-अलग ढंग से विकसित होती रही हैं। फेज-4 में पहली बार एक ही पिलर पर ऊपर मेट्रो और नीचे फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
Delhi Metro - फोटो : AdobeStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत विकसित हो रहे तीन डबल डेकर कॉरिडोर इस वर्ष जनता को मिल जाएंगे। ये कॉरिडोर दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मुफीद साबित होंगे। 

विज्ञापन


अब तक राजधानी में फ्लाईओवर और मेट्रो लाइनें अलग-अलग ढंग से विकसित होती रही हैं। फेज-4 में पहली बार एक ही पिलर पर ऊपर मेट्रो और नीचे फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं। इसके जरिये कम जमीन का ज्यादा कुशल उपयोग होगा। नीचे सड़क स्तर पर बसों और स्थानीय ट्रैफिक के लिए जगह बनी रहेगी, बीच में तेज रफ्तार वाहनों के लिए फ्लाईओवर और सबसे ऊपर निर्बाध मेट्रो संचालन। 

राजधानी में सबसे पहले एक ही पिलर पर मेट्रो ट्रेन, फ्लाईओवर और नीचे सड़कों पर वाहन चलते नजारा उत्तर-पूर्वी दिल्ली में चलते दिखाई देंगे। मजलिस पार्क–मौजपुर कॉरिडोर पर डबल डेकर ढांचा लगभग तैयार है।
विज्ञापन


मेट्रो ट्रैक पहले ही परिचालन के लिहाज से तैयार है और अब सड़क से जोड़ने वाली रैंप बनते ही यह क्षेत्र जाम की रोजमर्रा की परेशानी से काफी हद तक मुक्त हो सकेगा। दक्षिण दिल्ली में भी इसी तरह का प्रयोग हो रहा है। एरोसिटी से तुगलकाबाद तक प्रस्तावित गोल्डन लाइन पर संगम विहार से अंबेडकर नगर के बीच बन रहा डबल डेकर हिस्सा महरौली–बदरपुर रोड के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

यह क्षेत्र लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव झेलता रहा है। छह लेन के फ्लाईओवर के साथ मेट्रो के जुड़ने से न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण प्रगति देखते हुए इस वर्ष इसके पूरा होने की संभावना है। जनकपुरी पश्चिम–आरके आश्रम कॉरिडोर पर आजादपुर से डेरावल नगर के बीच डबल डेकर सेक्शन बनाया जा रहा है। आजादपुर मंडी क्षेत्र में ट्रकों, बसों और निजी वाहनों का दबाव हमेशा बना रहता है। फ्लाईओवर के खुलते ही सतही सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा और मेट्रो यात्रियों को भी तेज, भरोसेमंद विकल्प मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें